छह हजार करोड़ से बार्डर पर बिछेगा सड़कों का जाल
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रियासत में छह हजार करोड़ रुपये की लागत से बार्डर इलाकों तथा टूरिस्ट स्थानों पर सड़कों का जाल बिछेगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है।
बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में यह कदम उठाया गया है। इससे बेहतर आर्थिक गतिविधियां संचालित होने के साथ ही रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
नेशनल हाईवे एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) की ओर से 6000 करोड़ रुपये से राज्य में सड़कें बनाई जाएंगी।
इसमें 1300 करोड़ मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भारत माला तथा 1050 करोड़ रुपये पर्यटन स्थलों तक नेशनल हाईवे कनेक्टिविटी योजना के तहत खर्च होंगे।
पुंछ-उड़ी और काजीतर-टंगधार के बीच रोड
भारत माला प्रोजेक्ट के तहत रियासत में दो प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। एनएच-1 पर पुंछ-उड़ी के बीच 67 किलोमीटर और काजीतर से टंगधार के बीच 65 किलोमीटर सड़क बनेगी।
पर्यटन स्थलों तक रोड विकसित करने की योजना के तहत बारामुला-गुलमर्ग और चिनैनी से खलानी के बीच सड़क बनेगी। दोनों की लंबाई लगभग 103 किलोमीटर होगी।
ज्ञात हो कि भारत माला योजना के तहत 5000 किलोमीटर सड़क नेटवर्क बार्डर एरिया तथा समुद्री इलाकों में विकसित किया जाएगा। इस पर 55 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रियासत के दौरे पर पिछले दिनों 25 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। इसमें 10 हजार करोड़ रुपये जोजिला टनल पर खर्च होंगे।