जम्मू कश्मीर: एकल पुरुष अभिभावक भी ले सकेंगे चाइल्ड केयर लीव, पहले केवल महिला कर्मचारी ही ले सकती थीं अवकाश
आदेश के मुताबिक महिला कर्मचारी और एकल पुरुष अभिभावक के चाइल्ड केयर लीव का समान रूप से प्रावधान होगा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत एसओ 154 जारी कर यह बदलाव किया गया है।
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जम्मू-कश्मीर में बच्चों की देखभाल के लिए सरकारी कर्मी महिला की तरह अब सरकारी मुलाजिम एकल पिता भी 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव ले सकेंगे। उप राज्यपाल प्रशासन ने नियमावली में संशोधन करते हुए महिला कर्मचारी के साथ एकल पुरुष कर्मचारी का शब्द भी शामिल कर दिया है।
एकल पुरुष कर्मचारी को अविवाहित, तलाकशुदा या विधुर (जिसकी पत्नी का देहांत हो चुका हो) के रूप में परिभाषित किया गया है। चाइल्ड केयर लीव नियम में यह बदलाव 6 अप्रैल 2022 को अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रभावी हो गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव और विभाग विभाग के आयुक्त अटल डुल्लू ने एक आदेश जारी किया है।
इसमें महिला कर्मचारी और एकल पुरुष अभिभावक के चाइल्ड केयर लीव का समान रूप से प्रावधान होगा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत एसओ 154 जारी कर यह बदलाव किया गया है। चाइल्ड केयर लीव लेने वाले कर्मचारी को अवकाश पर जाने से पूर्व के वेतन के समान 365 दिनों का पूरा वेतन मिलेगा।
इसके बाद के 365 दिनों के अवकाश के लिए कर्मचारी को अंतिम लिए गए वेतन का 80 फीसदी वेतन ही मिलेगा।
महिला कर्मी एक साल में छह बार ले सकती हैं अवकाश
महिला कर्मचारी के मामले में एक वर्ष के भीतर तीन बार अवकाश लेने की सीमा को बढ़ाकर छह कर दिया गया है। यानी बच्चों की देखभाल के लिए महिला कर्मचारी एक वर्ष के भीतर छह बार अवकाश ले सकेंगी। पांच दिन से कम की छुट्टी को चाइल्ड केयर श्रेणी में नहीं माना जाएगा।