फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Siachen avalanche

सियाचिन हिमस्खलन में जेसीओ समेत 10 जवान शहीद

Fri, 05 Feb 2016 10:57 AM IST
Updated Fri, 05 Feb 2016 10:57 AM IST
विज्ञापन
Siachen avalanche

लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में बुधवार की सुबह हिमस्खलन में दबे सेना के 10 जवानों के शहीद होने की पुष्टि सेना ने की है। सेना के अनुसार हिमस्खलन में दबकर शहीद होने वालों में एक जेसीओ भी शामिल हैं।

विज्ञापन


इस बीच लगातार दूसरे दिन भी व्यापक स्तर पर रेस्क्यू आपरेशन चलाया गया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर जवानों को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'सियाचिन में जवानों के साथ हुआ हादसा दुखद है, मैं जवानों की बहादुरी को सलाम करता हूं जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी, उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।'
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन


सियाचिन में परम बलिदान देने वाले सैनिकों को सलाम: डीएस हुड्डा

Siachen avalanche

वहीं जम्मू संभाग के उधमपुर में स्थित उत्तरी कमांड द्वारा जारी बयान में उत्तरी कमांड के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने हिमस्खलन की घटना में हुए नुकसान को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि सेना अपने उन वीर जवानों को सलाम करती है।

जिन्होंने हमारी सीमाओं की रक्षा करने के लिए सभी चुनौतियों का बहादुरी से डटकर मुकाबला करते हुए ड्यूटी के दौरान परम बलिदान प्राप्त किया है।

मद्रास रेजिमेंट के उन 10 जवानों की तलाश दूसरे दिन भी जारी रही, जो बुधवार की सुबह 19, 600 फीट की ऊंचाई पर सियाचिन ग्लेशियर पर आए हिमस्खलन में लापता हुए थे। इसमें खोजी कुत्तों के साथ-साथ विशेष उपकरण भी प्रयोग में लाए गए। लेकिन, मौसम खराब होने और इलाका दुर्गम होने के चलते काफी दिक्कतें आईं।

दुनिया की सबसे ऊंची रणभूम‌ि है सियाचिन

Siachen avalanche

गौरतलब है कि ग्लेशियर क्षेत्र में दिन के दौरान अधिकतम तापमान मानइस 25 डिग्री, जबकि रात में न्यूनतम तापमान माइनस 42 डिग्री तक जाता है। अब तक किसी भी जवान का नहीं मिलना यह संकेत देता है कि अब उनके जिंदा बचने की उम्मीद नहीं के बराबर है।

सियाचिन ग्लेशियर सबसे ऊंचाई वाला स्थान है। यहां तापमान माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। भारत और पाकिस्तान दोनों द्वारा वर्ष 1984 से अपने सैनिकों को वहां तैनात किया गया है।

भारतीय सेना द्वारा सियाचिन पर एक जवान को केवल 3 महीने के अधिकतम समय तक की तैनाती की अनुमति मिलती है जबकि बाना पोस्ट जैसी दुर्गम और खतरा वाली जगह पर एक जवान अधिकतम 30 दिनों तक ही तैनात रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed