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देश प्रेम का मूल्य प्राण है: सूरज दास
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खौड़ में चल रही कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्म की झांकी निकाली गई
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। खौड़ में भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को सुबह 8 बजे से सुबह 10 बजे तक पूजा की गई। फिर दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक कथा हुई, जिसमें आचार्य सूरज दास ने प्रवचन किए। कहा कि देश प्रेम का मूल्य प्राण है। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया, जिसमें श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी निकली गई। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथावाचक ने श्रीकृष्ण के वात्सल्य प्रेम, असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा की गई विभिन्न लीलाओं से वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के चौथे दिन श्रीकृष्ण की सर्वोपरि लीला रास लीला, मथुरा गमन, कंस वध, कुब्जा उद्धार, रुक्मणि विवाह, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। इस दौरान भजन गायन ने उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। कथा के बाद भक्तों को प्रसाद दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। खौड़ में भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को सुबह 8 बजे से सुबह 10 बजे तक पूजा की गई। फिर दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक कथा हुई, जिसमें आचार्य सूरज दास ने प्रवचन किए। कहा कि देश प्रेम का मूल्य प्राण है। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया, जिसमें श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी निकली गई। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथावाचक ने श्रीकृष्ण के वात्सल्य प्रेम, असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा की गई विभिन्न लीलाओं से वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के चौथे दिन श्रीकृष्ण की सर्वोपरि लीला रास लीला, मथुरा गमन, कंस वध, कुब्जा उद्धार, रुक्मणि विवाह, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। इस दौरान भजन गायन ने उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। कथा के बाद भक्तों को प्रसाद दिया गया।
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