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पचास गज में सिमटी रियासत की सियासत
भूपेंद्र सिंह भाटिया, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 25 Mar 2016 11:00 PM IST
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महबूबा मुफ्ती और राममाधव
- फोटो : अमर उजाला
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तालाब तिल्लो रोड स्थित स्टेट गेस्ट हाउस शुक्रवार को भारी गहमागहमी का साक्षी बना। गेस्ट हाउस की एक इमारत के कमरा नंबर दो और दूसरी इमारत के कमरा नंबर तीन के दरमियान बमुश्किल पचास गज का फासला है। रियासत की सियासत दिनभर इन्हीं दोनों कमरों में केंद्रित रही।
कमरा नंबर दो में भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव अपने सिपहसालारों के साथ दिनभर नई सरकार पर मंथन करते रहे, वहीं दूसरी इमारत के कमरा नंबर तीन में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती सियासी बिसात पर मोहरे चलती रहीं।
सुबह कमरा नंबर दो में राम माधव ने भाजपा सांसदों, विधायकों और अन्य शीर्ष नेताओं के साथ मंथन किया और थोड़ी देर में फैसला आया कि भाजपा तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को राज्यपाल एनएन वोहरा से नहीं मिलेगी। राज्यपाल से मिलने से पहले वह अपनी पार्टनर पीडीपी के साथ बैठक करेगी।
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भाजपा के इस संदेश के बाद पीडीपी हलके में हलचल मच गई। दोपहर की फ्लाइट से पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती अपने सहयोगी अब्दुल हमीर कर्रा और मुजफ्फर हुसैन बेग के साथ जम्मू पहुंची और सीधा कमरा नंबर तीन में नेताओं के साथ सलाम मशवरा किया।
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कमरा नंबर दो में भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव अपने सिपहसालारों के साथ दिनभर नई सरकार पर मंथन करते रहे, वहीं दूसरी इमारत के कमरा नंबर तीन में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती सियासी बिसात पर मोहरे चलती रहीं।
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सुबह कमरा नंबर दो में राम माधव ने भाजपा सांसदों, विधायकों और अन्य शीर्ष नेताओं के साथ मंथन किया और थोड़ी देर में फैसला आया कि भाजपा तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को राज्यपाल एनएन वोहरा से नहीं मिलेगी। राज्यपाल से मिलने से पहले वह अपनी पार्टनर पीडीपी के साथ बैठक करेगी।
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भाजपा के इस संदेश के बाद पीडीपी हलके में हलचल मच गई। दोपहर की फ्लाइट से पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती अपने सहयोगी अब्दुल हमीर कर्रा और मुजफ्फर हुसैन बेग के साथ जम्मू पहुंची और सीधा कमरा नंबर तीन में नेताओं के साथ सलाम मशवरा किया।
एक बार फिर गर्म हुई रिसायत की सियासत
जम्मू में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती
- फोटो : PTI
इस दौरान उनके साथ मुफ्ती मोहम्मद सईद के भतीजे सज्जाद मुफ्ती भी थे। तय कार्यक्रम के अनुसार महबूबा ने साढ़े चार बजे राज्यपाल वोहरा से मिलना था। लगभग साढ़े तीन बजे उनके कमरे के बाहर बाकायदा काले रंग की उनकी स्कार्पियो कार खड़ी हो गई।
थोड़ी देर में उनके सुरक्षाकर्मियों ने भी कार के पास पोजिशन ले ली। ऐसी संभावना थी कि किसी भी समय महबूबा राज्यपाल के लिए निकलेगी। लेकिन वह कमरे से बाहर नहीं आईं। शाम लगभग पांच बजे राजभवन पीआरओ का मैसेज फ्लैश हुआ कि राज्यपाल से दोनों राजनीतिक दलों के अध्यक्षों के मिलने का फैसला स्थगित हो गया।
पीडीपी का राज्यपाल से आज नहीं मिलने का फैसला आते ही राजनीतिक हलचल और तेज हो गई। राम माधव प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेता अशोक कौल के साथ अपने कमरे से बाहर निकल काफी देर लान के पास ही बैठे रहे। ऐसी संभावना जताई गई कि अब एकबार फिर दोनोें दलों में मतभेद हो गए हैं।
हालांकि भाजपा नेता राम माधव ने ऐसी चर्चाओं को दरकिनार करते हुए कहा कि दोनों दलों के शीर्ष नेताओं की बैठक है। पहले राज्यपाल ने दोनों दलों को अलग-अलग बुलाया था। शनिवार को संभवत: दोनों दल एकसाथ बैठक करेंगे। देर रात तक दोनों कमरें राजनीतिज्ञों के केंद्र बिंदू बने रहे।
थोड़ी देर में उनके सुरक्षाकर्मियों ने भी कार के पास पोजिशन ले ली। ऐसी संभावना थी कि किसी भी समय महबूबा राज्यपाल के लिए निकलेगी। लेकिन वह कमरे से बाहर नहीं आईं। शाम लगभग पांच बजे राजभवन पीआरओ का मैसेज फ्लैश हुआ कि राज्यपाल से दोनों राजनीतिक दलों के अध्यक्षों के मिलने का फैसला स्थगित हो गया।
पीडीपी का राज्यपाल से आज नहीं मिलने का फैसला आते ही राजनीतिक हलचल और तेज हो गई। राम माधव प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेता अशोक कौल के साथ अपने कमरे से बाहर निकल काफी देर लान के पास ही बैठे रहे। ऐसी संभावना जताई गई कि अब एकबार फिर दोनोें दलों में मतभेद हो गए हैं।
हालांकि भाजपा नेता राम माधव ने ऐसी चर्चाओं को दरकिनार करते हुए कहा कि दोनों दलों के शीर्ष नेताओं की बैठक है। पहले राज्यपाल ने दोनों दलों को अलग-अलग बुलाया था। शनिवार को संभवत: दोनों दल एकसाथ बैठक करेंगे। देर रात तक दोनों कमरें राजनीतिज्ञों के केंद्र बिंदू बने रहे।