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Jammu News: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट न होने से परेशानी जस की तस, पार्षद व नप अध्यक्ष बोले-हमने प्रयास किए
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सांबा शहर की नालियों और गलियों में फैली रहती है गंदगी, लोग वर्षों से झेल रहे परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कस्बे की नालियों में फैली गंदगी और गलियों में भरे गंदे पानी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ये लोग वर्षों से इस परेशानी को झेल रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बयान सुनकर लगता है कि उन्होंने लोगों की इस समस्या को दूर करने के लिए अपनी ओर से भरसक प्रयास किए हैं। लेकिन, सच्चाई तो अब भी यही है कि लोगों की परेशानी जस से तस नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार सालों पहले नगर परिषद ने सीवरेज बनाने की कवायद शुरू की थी। उससे लोगों को लगा था कि उन्हें गंदगी से निजात मिलेगी। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। पांच वर्ष गुजर गए। पार्षदों का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। लेकिन, सीवरेज की व्यवस्था नहीं हो सकी। आज भी गलियां-नालियों में गंदगी का आलम है। ऊपर से कस्बे का सारा गंदा पानी बसंतर दरिया में पहुंच रहा है, जिससे दरिया भी दूषित हो रहा है। इससे जलीय जीवों और दरिया के पानी का इस्तेमाल करने वालों के जीवन को खतरा है। एनजीटी ने नगर परिषद पर इस कृत्य के लिए 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। लेकिन, उससे नगर परिषद के अध्यक्ष, पार्षदों और अधिकारी को कोई फर्क नहीं पड़ा।
परेशानी दूर करने की हो रही बातें, सच्चाई जगजाहिर
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हमने कई बार हाउस की बैठक में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का मुद्दा उठाया था। लेकिन, किसी ने नहीं सुनी।
- कुमेर सिंह, पार्षद
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पार्षदों ने भी पांच वर्ष गुजार दिए, लेकिन कस्बे के लोगों की परेशानी का समाधान नहीं करवा सके। सीवरेज के बन जाने से लोगों को काफी राहत पहुंचती।
- मनोज शर्मा, स्थानीय
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कस्बे में सीवरेज की व्यवस्था किए जाने के लिए मैंने वर्ष 2019 में 76 करोड़ की एक डीपीआर बनाकर भेजी थी। उसे केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से मंजूरी मिलनी थी। हमने इस बारे में संसद सदस्यों को भी अवगत करवाया, ताकि शीघ्र ही सीवरेज की योजना शुरू हो। लेकिन, पांच वर्ष तक कोई जवाब नहीं मिला।
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- पवन कोहली, पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद, सांबा
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हमने अपनी ओर से कई बार नगर परिषद को नोटिस भेजे हैं, कि कस्बे का सारा गंदा पानी बसंतर दरिया में पहुंच कर दरिया के पानी को प्रदूषित कर रहा है। इस पर रोक लगाई जाए। छह माह पूर्व भी विभाग ने नोटिस दिया था।
- दीपक अबरोल, जिला अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, सांबा
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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आठ कनाल भूमि पर चारदीवारी कर दी गई है। केंद्र सरकार की ओर से शीघ्र ही योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा। इसके लिए मैंने संपर्क किया है।
- अमित चौधरी, सीईओ, नगर परिषद, सांबा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कस्बे की नालियों में फैली गंदगी और गलियों में भरे गंदे पानी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ये लोग वर्षों से इस परेशानी को झेल रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बयान सुनकर लगता है कि उन्होंने लोगों की इस समस्या को दूर करने के लिए अपनी ओर से भरसक प्रयास किए हैं। लेकिन, सच्चाई तो अब भी यही है कि लोगों की परेशानी जस से तस नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार सालों पहले नगर परिषद ने सीवरेज बनाने की कवायद शुरू की थी। उससे लोगों को लगा था कि उन्हें गंदगी से निजात मिलेगी। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। पांच वर्ष गुजर गए। पार्षदों का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। लेकिन, सीवरेज की व्यवस्था नहीं हो सकी। आज भी गलियां-नालियों में गंदगी का आलम है। ऊपर से कस्बे का सारा गंदा पानी बसंतर दरिया में पहुंच रहा है, जिससे दरिया भी दूषित हो रहा है। इससे जलीय जीवों और दरिया के पानी का इस्तेमाल करने वालों के जीवन को खतरा है। एनजीटी ने नगर परिषद पर इस कृत्य के लिए 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। लेकिन, उससे नगर परिषद के अध्यक्ष, पार्षदों और अधिकारी को कोई फर्क नहीं पड़ा।
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परेशानी दूर करने की हो रही बातें, सच्चाई जगजाहिर
हमने कई बार हाउस की बैठक में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का मुद्दा उठाया था। लेकिन, किसी ने नहीं सुनी।
- कुमेर सिंह, पार्षद
पार्षदों ने भी पांच वर्ष गुजार दिए, लेकिन कस्बे के लोगों की परेशानी का समाधान नहीं करवा सके। सीवरेज के बन जाने से लोगों को काफी राहत पहुंचती।
- मनोज शर्मा, स्थानीय
कस्बे में सीवरेज की व्यवस्था किए जाने के लिए मैंने वर्ष 2019 में 76 करोड़ की एक डीपीआर बनाकर भेजी थी। उसे केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से मंजूरी मिलनी थी। हमने इस बारे में संसद सदस्यों को भी अवगत करवाया, ताकि शीघ्र ही सीवरेज की योजना शुरू हो। लेकिन, पांच वर्ष तक कोई जवाब नहीं मिला।
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- पवन कोहली, पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद, सांबा
हमने अपनी ओर से कई बार नगर परिषद को नोटिस भेजे हैं, कि कस्बे का सारा गंदा पानी बसंतर दरिया में पहुंच कर दरिया के पानी को प्रदूषित कर रहा है। इस पर रोक लगाई जाए। छह माह पूर्व भी विभाग ने नोटिस दिया था।
- दीपक अबरोल, जिला अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, सांबा
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आठ कनाल भूमि पर चारदीवारी कर दी गई है। केंद्र सरकार की ओर से शीघ्र ही योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा। इसके लिए मैंने संपर्क किया है।
- अमित चौधरी, सीईओ, नगर परिषद, सांबा