अलगाववादियों की बैठक में घाटी में बंद जारी रखने का फैसला
अलगाववादियों की ओर से बुलाई गई बैठक में घाटी में बंद जारी रखने का फैसला किया गया। इसके साथ ही बंद समर्थकों की ओर से हुर्रियत नेतृत्व को भविष्य की आंदोलन की रणनीति तय करने का अधिकार दिया गया।
हुर्रियत (जी) के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी के हैदरपोरा स्थित आवास पर गिलानी, हुर्रियत (एम) चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक तथा जेकेएलएफ चेयरमैन यासीन मलिक की मौजूदगी में ट्रेडर्स, शिक्षाविद, ट्रांसपोर्टर, सिविल सोसाइटी के सदस्यों की लगभग छह घंटे चली मैराथन बैठक के बाद यह फैसला किया गया।
जिस दौरान हैदरपोरा आवास पर बैठक चल रही थी उसी दौरान काफी संख्या में बंद समर्थक जमा थे। इसी दौरान यह अफवाह फैल गई कि बंद वापस लिया जा रहा है।इस पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सीआरपीएफ के वाहन पर पथराव
इस दौरान वहां से गुजर रही सीआरपीएफ के वाहन पर लोगों ने पथराव कर दिया। दर्जन भर से अधिक वाहनों पर पथराव कर शीशे तोड़ डाले। विरोध इतना तेज हो गया कि यासीन मलिक को बैठक से बाहर निकलकर लोगों को समझाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि बंद को वापस लेने का फिलहाल कोई फैसला नहीं किया गया है। इसके बाद लोग शांत हुए। बैठक के बाद तीनों नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर स्पष्ट किया कि बंद फिलहाल जारी रहेगा। यह आंदोलन हमारा नहीं, बल्कि जनता का है।
लोगों से अपील की कि हिंसा का रास्ता न अपनाएं। साथ ही किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। गिलानी ने कहा कि अल्पसंख्यक हिंदुओं व सिखों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।