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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Security officials said: For the first time in Kashmir, the number of terrorists reached below 200, local terrorists only 100 left

सुरक्षा अधिकारी बोले: कश्मीर में पहली बार आतंकियों की संख्या 200 से नीचे पहुंची, स्थानीय दहशतगर्द सिर्फ 100 बचे 

Fri, 31 Dec 2021 01:21 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 31 Dec 2021 01:21 AM IST
सार

जम्मू कश्मीर में शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि घाटी में आतंकियों की संख्या लगातार कम हो रही है। कश्मीर में स्थानीय आतंकियों की संख्या सिर्फ 100 के करीब रह गई है। उन्होंने बताया कि आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। 
 

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Security officials said: For the first time in Kashmir, the number of terrorists reached below 200, local terrorists only 100 left
घाटी में तैनात जवान। - फोटो : PTI

विस्तार

कश्मीर में आतंकवाद की शुरुआत के बाद से घाटी में पहली बार सक्रिय आतंकवादियों की संख्या 200 से कम रह गई है और आतंकी संगठनों द्वारा युवाओं की भर्ती किये जाने पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने वीरवार को यह जानकारी दी। अनंतनाग के काजीगुंड इलाके में पत्रकारों से बात करते हुए आईजी कश्मीर विजय कुमार और सेना की 15 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि घाटी में सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है। इस साल किए गए अधिकांश ऑपरेशन इंटेलीजेंस पर आधारित थेसिर्फ 

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स्थानीय आतंकवादियों की संख्या 100 से नीचे पहुंची, इनकी संख्या सिर्फ 85 या 86 
घाटी में सक्रिय आतंकवादियों की संख्या घटकर 180 रह गई है। आईजी ने अधिक जानकारी देते हुए कहा कि आतंकवाद शुरू होने के बाद से पहली बार पूरे कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों की कुल संख्या 200 से नीचे आ गई है। उन्होंने कहा, यह भी पहली बार हुआ है कि स्थानीय आतंकवादियों की संख्या 100 से नीचे पहुंच गई है और यह 85 या 86 है। कुमार ने कहा कि इस साल अब तक 128 युवा आतंकी गुटों में शामिल हो चुके हैं, जिनमें से 73 विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं और 16 को गिरफ्तार किया गया है।
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लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने कहा कि पिछले दो वर्षों की तुलना में, 2021 में आतंकी संगठनों द्वारा युवाओं की भर्ती में कमी आई है। पिछले साल, यह संख्या 180 से अधिक थी। यह दर्शाता है कि नागरिक समाज में जागरुकता आई है। लोगों ने हिंसा की निरर्थकता को महसूस किया है। वे समझते हैं कि (सीमा पर) क्या हो रहा है। 
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स्थानीय लोग आतंकियों के खिलाफ आ रहे आगे
 जीओसी ने कहा, हमें इसे सकारात्मक रूप से देखना चाहिए। नागरिक आबादी आतंकवादियों को खत्म करने में हमारी मदद कर रही है और हिंसा के चक्र को तोड़ने में भी हमारा मनोबल बढ़ा रही है। मुझे यकीन है कि हम अगले एक या दो साल में अधिक शांति देखेंगे और आतंकवाद की राह पकड़ने वाले युवाओं की संख्या में कमी आएगी। जीओसी ने कहा कि 20-21 वर्ष से अधिक आयु के लोग आतंकवादी संगठनों की योजनाओं के शिकार नहीं हो रहे हैं और इसलिये, इन संगठनों ने 15-16 वर्ष की आयु के लड़कों की भर्ती शुरू कर दी है।
 
युवाओं की हथियारों में दिलचस्पी घटी
सैन्य कमांडर ने कहा, साथ ही दूसरा चलन भी देखने को मिल रहा है कि उन्हें (युवाओं को) अब हथियार उठाने पर गर्व नहीं रह गया है, इसलिए वे अपना नाम नहीं बता रहे हैं। जो भी शामिल हो रहा है वह अपनी पहचान छुपा रहा है। उन्होंने कहा, हाल ही में विभिन्न कारणों से सुर्खियों में आए एक ऑपरेशन के दौरान यह बहुत स्पष्ट रूप से देखने को मिला था कि ओजीडब्ल्यू नेटवर्क से संबंधित परिवार के सभी सदस्य या स्थानीय आतंकवादी खुलकर सामने आए और बेगुनाह होने का दावा किया।
 
स्थितियां बदल रहीं
लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने हैदरपोरा में हाल ही में हुई एक मुठभेड़ का जिक्र करते हुए कहा, आज, मुझे लगता है कि समाज ओजीडब्ल्यू और आतंकवादियों को उनके घरों में या आसपास भी नहीं देखना चाहते। यह एक और चुनौती है जिसका वे (आतंकवादी संगठन) सामना कर रहे हैं और इसलिए, पाकिस्तानी आतंकवादी अब ऑपरेशन का नेतृत्व करने के लिए सामने आ रहे हैं। जैसे ही वे ऑपरेशनों के अंजाम देने के लिये ऊंचाई वाले इलाकों से निकलते हैं, उन्हें घेरकर खत्म कर दिया जाता है।

 
पहाड़ों से नीचे उतरने पर मारे जा रहे विदेशी आतंकी
आईजी कुमार ने कहा कि विदेशी आतंकवादी गर्मियों के महीनों में पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर पहुंच गए थे, लेकिन जैसे ही सर्दी आई, वे मैदानी इलाकों में आने लगे। इसलिए, लगभग हर मुठभेड़ में एक विदेशी आतंकवादी मारा जा रहा है, जो हमारे लिए अच्छा है।
 
नियंत्रण रेखा पर हालात ठीक, लोग रोजमर्रा के काम में जुटे
नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर स्थिति के बारे में एक सवाल पर, लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने कहा कि हालात बिल्कुल ठीक हैं और संघर्षविराम का पालन किया जा रहा है। लोग अपनी नियमित गतिविधियां कर रहे हैं, नियंत्रण रेखा के दोनों ओर लोग बहुत खुश हैं।

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