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घाटी में बढ़ाई जाएगी कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा, समीक्षा शुरू, एलजी ने किया पंडिता के परिवार से संवाद

Fri, 12 Jun 2020 01:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 12 Jun 2020 01:32 AM IST
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Security of Kashmiri Pandits will be increased in the valley
gc murmu - फोटो : अमर उजाला

घाटी में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा की समीक्षा नए सिरे से शुरू कर दी गई है। इनके गांवों की सुरक्षा जल्द ही बढ़ाई जाएगी। कश्मीरी पंडित सरपंच अजय पंडिता की हत्या पर उप राज्यपाल जीसी मुर्मू के सख्त रुख के बाद पुलिस महकमे ने सुरक्षा बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडितों के साथ ही अन्य अल्पसंख्यकों का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है। 

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खुफिया सूत्रों ने बताया कि घाटी के विभिन्न जिलों में रहने वाले कश्मीरी पंडितों और अन्य अल्पसंख्यकों के बारे में जानकारी जुटाने को कहा गया है। साथ ही इनके धर्मस्थल तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के बारे में भी ब्योरा मांगा गया है।
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कश्मीरी पंडित सरपंच की हत्या से पहले श्रीनगर में अमर कौल मंदिर तथा शिया समुदाय के एक धर्मस्थल पर भी हुए हमले को गंभीरता से लिया गया है। यह आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान के इशारे पर अल्पसंख्यकों पर हमले कर फिर माहौल बिगाड़ा जा सकता है। 
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जानकारी के अनुसार उप राज्यपाल जीसी मुर्मू ने घाटी में मारे गए अजय पंडिता के परिवार वालों से संवाद किया और उन्हें राहत उपलब्ध कराई। 

ट्रांजिट कैंप में ही है सुरक्षा, गांवों में कोई प्रबंध नहीं
घाटी में कश्मीरी पंडितों के लिए बने ट्रांजिट कैंप में तो सुरक्षा के प्रबंध हैं। गांदरबल, शेखपोरा (बडगाम) व वेसू (अनंतनाग) में बने ट्रांजिट कैंप में माइनारिटी पिकेट हैं लेकिन गांवों में रहने वाले कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। दो साल पहले तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक के कार्यकाल में सुरक्षा समीक्षा के बाद कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा अन्य लोगों से सुरक्षा हटा ली गई थी। इसी दौरान कुछ गांवों में तैनात पुलिसकर्मियों को भी हटा लिया गया था। 

पीएम पैकेज के तहत नियुक्त कर्मचारी दहशत में
पीएम पैकेज के तहत नियुक्त होने वाले कर्मचारी दहशत में हैं। घाटी के विभिन्न जिलों में नियुक्त लगभग 3000 कर्मचारी अपनी जम्मू में तैनाती चाहते हैं। उनका कहना है कि असुरक्षित माहौल में कश्मीर में काम करना मुश्किल हो गया है। आए दिन अनहोनी की आशंका बनी रहत है। 

कश्मीरी पंडितों की कॉलोनी में भी हो चुके हैं हमले
कश्मीरी पंडित कॉलोनी में बने पिकेट पर भी आतंकी हमला कर चुके हैं। आठ जून, 2016 को शोपियां के जामनगरी गांव में कश्मीरी पंडितों के लिए तैनात अल्पसंख्यक पिकेट पर आतंकियों ने हमला किया था। इसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी, जबकि एक कश्मीरी पंडित व एक पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

कश्मीरी पंडितों का कहना है कि अनंतनाग के नारीपोरा में भी आतंकियों ने हमला किया था, हालांकि इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ था। इसके पहले बडगाम के संग्रामपोरा, गांदरबल के वंदहामा, कुलगाम के नाडिमर्ग तथा अनंतनाग के तेलवानी व छतीसिंहपोरा में भी आतंकियों ने सामूहिक नरसंहार किया है।  


सरपंच अजय पंडिता समेत तीन नागरिकों की हत्या में शामिल आतंकियों की पहचान कर ली गई है। इनके खिलाफ व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। घाटी में अमन-शांति को किसी भी सूरत में नहीं बिगड़ने दिया जाएगा। सुरक्षा को लेकर पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। 
- दिलबाग सिंह, डीजीपी

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