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सांबा-कठुआ के सैन्य क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी, खुफिया इनपुट में जताई गई आतंकी हमले की आशंका
Sun, 22 Sep 2019 05:35 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कठुआ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कठुआ
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 22 Sep 2019 05:35 PM IST
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भारतीय सेना (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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सांबा और कठुआ जिले के सैन्य क्षेत्रों पर आतंकी हमले की आशंका के चलते हाई अलर्ट जारी किया गया है। खुफिया सूत्रों के अनुसार आतंकियों की ओर से सांबा और कठुआ जिले के सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की योजना बनाने के इनपुट मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट में खास तौर पर सैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।
दोनों ही जिले भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हुए हैं। इन जिलों में सेना के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे से सटे हुए हैं। वहीं अन्य सुरक्षा बलों के मुख्यालय व शिविर भी हाईवे किनारे हैं। इन तमाम पहलुओं को देखते हुए सैन्य व सुरक्षा बलों के शिविरों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
गौरतलब है कि जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे घुसपैठ के रूट के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले दरियाई नालों से जुड़ता है। हाईवे तक पहुंचने के लिए आतंकी इन्हीं घुसपैठ के रूटों का इस्तेमाल करते हैं। सांबा, हीरानगर, राजबाग और कठुआ के जंगलोट में पहले भी आतंकी हमले हो चुके हैं। इनमें सैन्य क्षेत्रों से लेकर पुलिस थानों को निशाना बनाया जा चुका है। ऐसे में खुफिया इनपुट को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से लेती हैं।
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अनुच्छेद 370 हटने के बाद से बढ़ी हलचल
अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से ही सीमा पार की हलचल बढ़ी हुई है। कुछ दिन पहले ही राज्य में दाखिल होते जैश के तीन आतंकियों को हथियारों के साथ कठुआ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इन आतंकियों की निशानदेही पर शुक्रवार को कठुआ पुलिस की विशेष टीमें पुलवामा से दो लोगों को गिरफ्तार कर लाई है। उधर, अंतरराष्ट्रीय सीमा के हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तानी पिछले पांच दिनों से गोलाबारी कर रहा है।
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दोनों ही जिले भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हुए हैं। इन जिलों में सेना के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे से सटे हुए हैं। वहीं अन्य सुरक्षा बलों के मुख्यालय व शिविर भी हाईवे किनारे हैं। इन तमाम पहलुओं को देखते हुए सैन्य व सुरक्षा बलों के शिविरों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
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गौरतलब है कि जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे घुसपैठ के रूट के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले दरियाई नालों से जुड़ता है। हाईवे तक पहुंचने के लिए आतंकी इन्हीं घुसपैठ के रूटों का इस्तेमाल करते हैं। सांबा, हीरानगर, राजबाग और कठुआ के जंगलोट में पहले भी आतंकी हमले हो चुके हैं। इनमें सैन्य क्षेत्रों से लेकर पुलिस थानों को निशाना बनाया जा चुका है। ऐसे में खुफिया इनपुट को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से लेती हैं।
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अनुच्छेद 370 हटने के बाद से बढ़ी हलचल
अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से ही सीमा पार की हलचल बढ़ी हुई है। कुछ दिन पहले ही राज्य में दाखिल होते जैश के तीन आतंकियों को हथियारों के साथ कठुआ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इन आतंकियों की निशानदेही पर शुक्रवार को कठुआ पुलिस की विशेष टीमें पुलवामा से दो लोगों को गिरफ्तार कर लाई है। उधर, अंतरराष्ट्रीय सीमा के हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तानी पिछले पांच दिनों से गोलाबारी कर रहा है।