जम्मू-कश्मीर: सांबा में तीन अलग-अलग इलाकों में दिखे ड्रोन, बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी
जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की नापाक हरकत जारी है। जमीन से हमला करने में नाकाम पाकिस्तान अब आसमान से हमला करने की साजिशें रच रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू संभाग में सांबा जिले के तीन अलग-अलग इलाकों में बीती रात संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की सूचना के बाद सुरक्षा बल तलाशी अभियान चला रहे हैं। सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सीमावर्ती गांवों में गुरुवार रात तीन अलग-अलग जगहों पर संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते देखे गए। सतर्क जवानों ने इन पर फायरिंग की। जिसके बाद ड्रोन वापस लौट गए। एसएसपी सांबा राजेश शर्मा का कहना है कि बीती रात सांबा जिले के तीन अलग-अलग इलाकों में ड्रोन गतिविधियां देखीं गईं हैं। सांबा के घगवाल इलाके में वह मौके पर भी पहुंचे। बताया जा रहा है कि ड्रोन बारी ब्राह्मणा और घगवाल में जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर संवेदनशील सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर मंडराने के तुरंत बाद फरार हो गए।
बता दें कि सीमावर्ती गांव मावा में गुरुवार शाम को पाकिस्तानी ड्रोन घुस आया, जिसे बीएसएफ जवानों ने फायरिंग कर खदेड़ दिया। ड्रोन रिगाल गांव की सीमा से पाकिस्तान वापस लौट गया। रक्षा सूत्रों के अनुसार, करीब साढ़े आठ बजे पाकिस्तानी ड्रोन सदोह गांव के रास्ते भारतीय सीमा मे घुसा और मावा गांव के ऊपर मंडराने लगा। हरकत में आई बीएसएफ की 173वीं वाहिनी के जवानों नें चार राउंड फायर किए। इसके बाद ड्रोन पाकिस्तान लौट गया।
यह भी पढ़ें- किश्तवाड़ जल प्रलय: मौत के मुंह से निकले इमरान की आपबीती- हमारे बुजुर्गों ने भी कभी नहीं देखी ऐसी तबाही
यह भी पढ़ें- जल-प्रलय: कुपवाड़ा में आई बाढ़ से एक पुल क्षतिग्रस्त, किश्तवाड़ में बारिश ने रोका रेस्क्यू ऑपरेशन
स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने मावा पुलिस चौकी के ऊपर एक लाल लाइट को देखा था। कुछ देर के लिए ड्रोन एक जगह ठहरा रहा। बाद में रिगाल गांव की सीमा की ओर बढ़ गया। वहीं अरनिया सेक्टर के सीमावर्ती क्षेत्र कदोयाल में वीरवार शाम सवा आठ बजे ड्रोन जैसी चीज दिखने से सनसनी फैल गई। लोगों के अनुसार आसमान में लाल और हरी रोशनी वाली कोई चीज मंडरा रही थी।
यह भी पढ़ें- किश्तवाड़ आपदा: आंखों के सामने बह गए अपने और हम बेबस देखते रहे...पढ़ें उस खौफनाक रात की दास्तां
यह भी पढ़ें- जम्मू में हाई अलर्ट: अनुच्छेद 370 निरस्त होने की बरसी और स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी हमले का खतरा