जम्मू बंद: लाल सिंह के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ी
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एम्स के मुद्दे पर तीन दिवसीय जम्मू बंद के बाद तनावपूर्ण स्थिति के बीच कठुआ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यहां से अब तक किसी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन पुलिस कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहती।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बंद के पहले दिन जम्मू में भाजपा और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों और पथराव के बाद कठुआ में शनिवार को माननीयों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री चौधरी लाल सिंह के निवास के बाहर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहे। हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों को स्थिति नियंत्रण में रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई उपद्रव न मचा सके। इस दौरान शहर के चौराहों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
दोनों संभागों को मिलेंगे एम्स और समानांतर प्रबंधन
स्वास्थ्य मंत्री चौधरी लाल सिंह ने शनिवार को कठुआ में एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए लोगों से बंद वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार दोनों संभागों को एक समान एम्स और प्रबंधन देने जा रही है।
जम्मू और कश्मीर दोनों जगह एम्स के लिए बराबर ढांचागत सुविधाएं, स्टाफ और राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से परामर्श के बाद राज्य सरकार ने फैसला लिया है, जो बिल्कुल स्पष्ट है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के निधन के चलते इसका जश्न नहीं मना रहे हैं। लाल सिंह ने कहा कि सरकार वचनबद्ध है और 1500 करोड़ रुपये की समान राशि दोनों संभागों में एम्स के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
उधर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री चौधरी लाल सिंह ने शनिवार को भाजपा मुख्यालय जम्मू में पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोगों को एम्स मामले में समझाएं और जागरूकता लाएं।
उन्होंने कहा कश्मीर की तरह जम्मू में भी एम्स की सुविधा को केंद्र सरकार ने मंजूरी प्रदान की है और यह मसला हल हो चुका है। जनता में इस मामले में हो रहे भ्रम और दुष्प्रचार को दूर करने की जरूरत है।