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आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने वाले रोहिंग्याओं पर सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर

Mon, 25 Sep 2017 12:48 PM IST
विनय सिंह,अमर उजाला/जम्मू
विनय सिंह,अमर उजाला/जम्मू Updated Mon, 25 Sep 2017 12:48 PM IST
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Security agencies look into Rohingya who is involved in criminal activities
- फोटो : AMAR UJALA

आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बने रोहिंग्याओं पर प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। रोहिंग्याओं के पास सिम होने की जानकारी पर पुलिस और गुप्तचर एजेंसियों ने सक्रियता बढ़ा दी है। बीते दिनों छन्नी रामा में गांजा के साथ पकड़ा गया म्यांमार निवासी उसकी बानगी मात्र है। रियासत भर में फैले तकरीबन साढ़े पांच हजार रोहिंग्याओं में से संदिग्धों को पुलिस ने चिह्नित किया हुआ है।

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आपराधिक मामलों में इनकी मिलीभगत होने के बाद पुलिस उनके बारे में विस्तार से जांच कर रिकार्ड अपने पास रख रही है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घुसपैठिये वाले बयान के बाद रियासत में इनकी छवि और भी धूमिल हुई है। इसके बाद छन्नी रामा में पशुवध के बाद इलाके से इनका निकाला जाना और दूसरी जगह पर बसना लोगों के रोष को दर्शाता है। प्रदेश से बाहर निकाले जाने पर कोई सियासी दल अपना रुख साफ नहीं कर रहा है।
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वहीं, केंद्र स्तर पर अपने खिलाफ लगातार बयानबाजी से अनभिज्ञ रियासत के रोहिंग्यां आपराधिक घटनाओं को लगातार अंजाम दे रहे हैं। पशुवध, नशा तस्करी और फर्जी कागजात के आधार पर रोहिंग्याओं को रियासत में लाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। इन तीनों मामलों में पुलिस ने कुछ रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया था। इसके बाद लगातार उन सभी पर नजर बनाई जा रही है। 

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पढ़े, जाकिर मूसा के बारे में क्या बोले रोहिंग्या

Security agencies look into Rohingya who is involved in criminal activities
zakir musa

जम्मू के नरवाल स्थित रोहिंग्याओं से जाकिर मूसा के समर्थन पर सवाल किए जाने पर उनका कहना है कि वह किसी मूसा को नहीं जानते। वह क्यों हमारा समर्थन कर रहा है, इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है।

हम अपनेे देश में फैली हिंसा के बाद भारत की शरण में आए हैं। ऐसे में कोई आतंकी मुसलमान होने के नाम पर हमें अपनाने की बात करता है, तो स्वाभाविक तौर पर वह अपने निजी हित को देख रहा है। हम शांति से रियासत में रहना चाहते हैं। 

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