संदिग्धों के खिलाफ एजेंसियों ने छेड़ा जांच अभियान
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पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई जासूसी कांड प्रकरण में अब तक देशभर से नौ लोग पकड़े जा चुके हैं। इसमें सरकारी मुलाजिमों से लेकर सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हैं।
ऐसे में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को लगता है कि पाक खुफिया एजेंसी का नेटवर्क भारत में और भी बड़ा हो सकता है। जिसके सबसे ज्यादा तार जम्मू-कश्मीर से जुड़े हुए हैं।
यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियों ने रियासत में सरकारी मुलाजिमों और सुरक्षा एजेंसियों में कार्यरत संदिग्धों की नब्ज टटोलना शुरू कर दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजोरी जिले में दो सरकारी शिक्षकों के पकड़े जाने के बाद जिला प्रशासन की ओर से सरकारी विभागों के संदिग्ध मुलाजिमों की पड़ताल करना शुरू कर दिया गया है। खासकर निलंबित कर्मचारियों पर नजर रखी जा रही है, जो कहीं न कहीं गलत कार्यों के लिए निलंबित हुए।
एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन लांच किया
सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि खुफिया एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन लांच किया है। इसके माध्यम से वह सुरक्षा एजेंसियों और सरकारी विभागों में काम करने वाले संदिग्ध जासूसों की फोन कॉल और इंटरनेट नेटवर्क की जानकारी लेने की कोशिश में लगी हैं।
एजेंसियों ने पकड़े गए नौ लोगों के पूरे संचार और इंटरनेट नेटवर्क के खिलाफ सर्च आपरेशन चलाया है। इसमें ज्यादा से ज्यादा कोशिश की जा रही है कि आईएसआई से इनकी संलिप्तता की जानकारी मिले।
एजेंसियां यह भी जानने की कोशिश में जुटी हैं कि शिक्षकों और बीएसएफ कर्मी का ऐसे कितने लोगों के साथ संपर्क था, जो पाकिस्तान में वैधानिक आते-जाते रहते हैं।