वैष्णो देवी: कटड़ा में दूसरे दिन भी लागू रही धारा 144
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माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के खिलाफ मजदूरों में वीरवार को भी आक्रोश रहा। हालांकि, धारा 144 लागू होने की वजह से धरना-प्रदर्शन नहीं हुए। श्राइन बोर्ड तथा जिला प्रशासन ने बैठक कर मजदूरों को संतुष्ट करने का प्रयास किया।
आश्वस्त किया कि नए मार्ग पर वाहन चलाने की कोई योजना नहीं है। इस बीच आमरण अनशन पर बैठे जिन पांच मजदूर नेताओं को बुधवार को रियासी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उन्हें वीरवार की शाम जीएमसी में दाखिल कराया गया।
नेताओं के समर्थन में काफी संख्या में कटड़ा से पहुंचे मजदूरों ने जीएमसी में श्राइन बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी की। चेताया कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। मजदूर नेताओं से मिलने जुलने के लिए आने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए इमरजेंसी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
रियासी विधायक अजय नंदा ने भी मजदूरों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि जनता श्राइन बोर्ड के खिलाफ आंदोलन करती है तो उन्हें पूरा समर्थन रहेगा। आक्रोशित मजदूरों को इंतजार है कि उनके नेता अस्पताल से छूटकर आए। आशंका है कि इसके बाद फिर से आंदोलन शुरू हो सकता है।
लाखों मजदूरों को बेरोजगार कर रहा बोर्ड
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड लाखों मजदूर परिवारों की रोजी-रोटी छीन रहा है। नए ट्रैक पर बैटरी और दूसरे वाहनों को शुरू करके घोड़े, पिट्ठू और पालकी वालों को बेरोजगार करने की साजिशें की जा रही हैं।
पर्यावरण को ताक पर रखकर त्रिकुटा पहाड़ियों को काटा जा रहा है। नए ट्रैक को किसी कीमत पर खोलने नहीं दिया जाएगा। रियासी जिला अस्पताल से रेफर होकर जीएमसी पहुंचे मजदूर नेताओं ने बोर्ड पर कई आरोप लगाए।
इसमें एक भूपेंद्र सिंह को आईसीयू और अन्य चार को इमरजेंसी में इलाज दिया जा रहा है। जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार सभी पांचों मजदूर नेताओं की हालत ठीक है। उन्हें जरूरी इलाज दिया जा रहा है।
आस्था के नाम पर बोर्ड यात्रियों से लूटखसोट
नई इमरजेंसी के बेड 13 पर भर्ती बड़ी बुद्धल निवासी साईं गान ने कहा कि वह और उनकी पीढ़ियां 45 वर्ष से वैष्णो देवी में पालकी-घोड़ा व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था के नाम पर बोर्ड यात्रियों से लूटखसोट कर रहा है।
मजदूरों का हक मारा जा रहा है। बोर्ड ने धोखे से आमरण अनशन पर बैठे मजदूरों को उठाया है। बाण गंगा में दुकान करने वाले सोहन ने बताया कि वह जंतर-मंतर पर जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जिला प्रशासन ने जबरन उन्हें अनशन से उठवा लिया।
बोर्ड नए ट्रैक का निर्माण करके पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। इसी वार्ड में भर्ती लेबर यूनियन कटड़ा के महासचिव शरीफ दीन ने बताया कि वह 1987 से ट्रैक पर घोड़ा चलाने के पेशे से जुड़े हैं।