कोरोना ने बढ़ाया दर्द: जम्मू में लटके 4000 ऑपरेशन, 19 अप्रैल से बंद है सर्जरी
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई मरीजों की स्थिति बिगड़ रही है। लोग प्रदेश से बाहर जाकर इलाज करवाने को मजबूर हैं।
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कोरोना की दूसरी लहर ने अन्य बीमारियों (नॉन कोविड) से जूझ रहे लोगों का भी दर्द बढ़ा दिया है। कोरोना संकट के चलते जम्मू में ही पिछले करीब सवा महीने में 4000 से ज्यादा ऑपरेशन लटक गए हैं। ऑपरेशन नहीं हो पाने के कारण कई मरीजों की हालत गंभीर हो गई है।
जीएमसी जम्मू सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में बीते 19 अप्रैल से रूटीन सर्जरी (सेलेक्टिव) को बंद कर दिया गया था। हालांकि, इमरजेंसी सर्जरी हो रही है। इसके बावजूद पिछले 37 दिन में जीएमसी के सर्जरी, आर्थो, नेत्र और यूरोलॉजी यूनिट में ही करीब तीन हजार रूटीन सर्जरी लटक गई है। ईएनटी समेत अन्य बीमारियों के करीब 1000 मरीज सर्जरी के लिए इंतजार कर रहे हैं। आर्थो यूनिट की बात करें तो रूटीन सर्जरी के लिए रोजाना तीन थियेटरों में 10-12 सर्जरी की जाती हैं।
इसी तरह, सर्जरी विभाग के चार थियेटरों में रूटीन में रोज 10-12 सर्जरी होती हैं। सुपर स्पेशियलिटी के यूरोलाजी विभाग में रूटीन में रोजाना 8-10 सर्जरी होती है। इसमें पित्ताशय (गॉलब्लेडर) आदि के ऑपरेशन होते हैं। इस यूनिट में प्रतिदिन दो रूटीन थियेटर टेबल चलते थे, जिसमें प्रत्येक टेबल पर 3-4 सर्जरी होती थीं। इसी तरह नेत्र विभाग में प्रतिदिन करीब 30-40 रूटीन सर्र्जरी होती हैं। जिसमें अधिकांश सर्जरी मोतियाबिंद की होती हैं।
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नेत्र विभाग के एचओडी डॉ. सतीश गुप्ता व आरथो विभाग के एचओडी डॉ. संजीव ने बताया कि कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रूटीन सर्जरी बंद है, लेकिन इमरजेंसी सर्जरी की जा रही है। जीएमसी एवं एसोसिएटेड अस्पतालों के विभिन्न विभागों में करीब सवा माह के दौरान 4 हजार से अधिक रूटीन ऑपरेशन नहीं हो पाए हैं।
कैंसर मरीजों का हो रही सर्जरी
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कोरोना संकट के बावजूद कैंसर मरीजों का इलाज पहले की तरह हो रहा है। अनकोलाजी (कैंसर विभाग) के एचओडी डॉ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि कैंसर मरीजों की सर्जरी की जा रही है। यूनिट में सभी 25 बेड फुल चल रहे हैं। चूंकि, कैंसर के मरीजों को तत्काल सर्जरी की आवश्यकता होती है। इस वजह से इसे रोका नहीं जा सकता है।
केस 1- उधमपुर के राजीव शर्मा (38) को गाल ब्लैडर में पत्थरी है। उनकी अप्रैल के अंत में जीएमसी में सर्जरी की जानी थी, लेकिन कोविड मामलों के कारण बंद की गई रूटीन सर्जरी से उनकी पत्थरी परेशान कर रही है। आर्थिक तौर से कमजोर होने के कारण वह निजी अस्पताल में भी सर्जरी करवाने में सक्षम नहीं हैं।
केस 2- जानीपुर निवासी रघुवीर दत्ता (60) की दाहिनी आंख का मोतियाबिंद का जीएमसी के नेत्र विभाग में आपरेशन किया जाना था, लेकिन रूटीन सर्जरी बंद होने से उनका मोतिया भी बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद है जल्द रूटीन आपरेशन बहाल होंगे, जिससे वह सर्जरी करवा सकेंगे।
जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन का कहना है कि कोविड मामलों को देखते हुए एसोसिएटेड अस्पतालों में अभी रूटीन सर्जरी बहाल करने की योजना नहीं है। कोविड मामलों की निगरानी की जा रही है और हालात सामान्य होने पर रूटीन सर्जरी और आपरेशन बहाल कर दिए जाएंगे।
जीएमसी में कितने ऑपरेशन लंबित
- सर्जरी विभाग- 444
- यूरोलॉजी विभाग- 370
- आर्थो विभाग -444
- नेत्र विभाग -1480