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Jammu News: सांबा कोर्ट सख्त, सभी आरोपियों पर हत्या व साजिश की धाराएं बरकरार
Thu, 04 Dec 2025 02:09 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 04 Dec 2025 02:09 AM IST
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नाके पर पुलिसकर्मी की हत्या का मामला
सांबा। पुलिस असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) योग राज की नाका ड्यूटी के दौरान हुई हत्या के बहुचर्चित मामले में एडिशनल सेशंस जज सांबा अरविंद शर्मा ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपियों को किसी भी तरह की राहत देने से इन्कार कर दिया। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ गंभीर संदेह पैदा करते हैं, जो हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं।
यह था मामला : 25 मई 2025 की सुबह सांबा की सपवाल पुलिस चौकी अधिकार क्षेत्र के फूलपुर इलाके में सुबह चार बजे पुलिस ने नाका लगाया हुआ था। तभी एक महिंद्रा लोड कैरियर पर सवार आरोपी पहले एक पुलिसकर्मी पर वाहन चढ़ाने की कोशिश करते हुए बच निकले और फिर वाहन को मोड़कर एएसआई योग राज पर चढ़ा दिया। इससे बैरिकेड टूट गया और एएसआई योग राज गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अदालत ने खारिज की बचाव पक्ष की दलीलें
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि यह हत्या नहीं बल्कि लापरवाही का मामला है और सहआरोपियों की कोई भूमिका नहीं है। मगर अदालत ने कहा कि आरोपी पहले भी एक पुलिसकर्मी को कुचलने की कोशिश कर चुके थे। गवाहों ने बयान दिया कि सह आरोपी फरमान अली ने वाहन में बैठे अन्य आरोपियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया था कि जो सामने आए उसे कुचल दो। पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि वाहन को जानबूझकर हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया। सहआरोपियों की पहचान, कॉल डिटेल और गवाहों के बयान साजिश की पुष्टि को मजबूत करते हैं। अदालत ने माना कि बैरिकेड टूटने से लगी घातक चोट भी उसी जानबूझकर किए गए कृत्य का सीधा परिणाम थी।
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इन धाराओं में चलेगा मुकदमा
अदालत ने आदेश दिया कि आरोपियों पर गंभीर धाराओं में आरोप तय होंगे। हत्या, साजिश, अपराध के लिए उकसाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान जैसे गंभीर अपराधों के तहत मामला चलेगा।
अगली सुनवाई 6 दिसंबर को
फरार आरोपियों के लिए अखबार में नोटिस प्रकाशित करने और जांच अधिकारी को कोर्ट में तलब करने के निर्देश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 6 दिसंबर को होगी।
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सांबा। पुलिस असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) योग राज की नाका ड्यूटी के दौरान हुई हत्या के बहुचर्चित मामले में एडिशनल सेशंस जज सांबा अरविंद शर्मा ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपियों को किसी भी तरह की राहत देने से इन्कार कर दिया। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ गंभीर संदेह पैदा करते हैं, जो हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं।
यह था मामला : 25 मई 2025 की सुबह सांबा की सपवाल पुलिस चौकी अधिकार क्षेत्र के फूलपुर इलाके में सुबह चार बजे पुलिस ने नाका लगाया हुआ था। तभी एक महिंद्रा लोड कैरियर पर सवार आरोपी पहले एक पुलिसकर्मी पर वाहन चढ़ाने की कोशिश करते हुए बच निकले और फिर वाहन को मोड़कर एएसआई योग राज पर चढ़ा दिया। इससे बैरिकेड टूट गया और एएसआई योग राज गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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अदालत ने खारिज की बचाव पक्ष की दलीलें
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि यह हत्या नहीं बल्कि लापरवाही का मामला है और सहआरोपियों की कोई भूमिका नहीं है। मगर अदालत ने कहा कि आरोपी पहले भी एक पुलिसकर्मी को कुचलने की कोशिश कर चुके थे। गवाहों ने बयान दिया कि सह आरोपी फरमान अली ने वाहन में बैठे अन्य आरोपियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया था कि जो सामने आए उसे कुचल दो। पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि वाहन को जानबूझकर हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया। सहआरोपियों की पहचान, कॉल डिटेल और गवाहों के बयान साजिश की पुष्टि को मजबूत करते हैं। अदालत ने माना कि बैरिकेड टूटने से लगी घातक चोट भी उसी जानबूझकर किए गए कृत्य का सीधा परिणाम थी।
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इन धाराओं में चलेगा मुकदमा
अदालत ने आदेश दिया कि आरोपियों पर गंभीर धाराओं में आरोप तय होंगे। हत्या, साजिश, अपराध के लिए उकसाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान जैसे गंभीर अपराधों के तहत मामला चलेगा।
अगली सुनवाई 6 दिसंबर को
फरार आरोपियों के लिए अखबार में नोटिस प्रकाशित करने और जांच अधिकारी को कोर्ट में तलब करने के निर्देश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 6 दिसंबर को होगी।