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Jammu News: भारत-पाक सीमा पर बंकरों का काम अटका
Sat, 08 Nov 2025 01:52 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 08 Nov 2025 01:52 AM IST
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सांबा।खेत में बना बंकर
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चलियारी गांव के कई बंकरों में घुस रहा पानी
ग्रामीण संभाल रहे काम, कम्युनिटी बंकर भी तैयार नहीं
सांबा। भारत-पाक सीमा पर कई ग्रामीणों के पास भूमि नहीं होने के कारण बंकर का काम अटका हुआ है। लोगों का कहना है कि अब तक कई बंकरों का काम मुकम्मल नहीं हो पाया। जिन लोगों के पास अपनी जमीन थी उन्होंने तो बंकर बनवा लिए लेकिन कुछ लोगों के बंकर भूमि के अभाव में अब तक मुकम्मल नहीं हो पाए हैं।
चकसदा के ग्रामीण राज कुमार ने कहा कि उनके गांव में कम्युनिटी बंकर भी अधूरे पड़े हैं। चच्वाल गांव के हरी सिंह का कहना है कि बंकरों को लोगों ने पूरी तरह से संभाला है। चलियारी निवासी राज कुमार के अनुसार गांव में कुछ ऐसे बंकर हैं जिनमें बारिश का पानी घुस जाता है। ऐसे में गोलाबारी होने पर वह कैसे सुरक्षित रह सकेंगे। बैनगलाड़ निवासी जगदीश कुमार के अनुसार उनके गांव में ग्रामीणों के पास बंकरों के लिए भूमि ही नहीं है। ऐसे में आज भी कुछ परिवार बिना बंकर के ही हैं। गत माह भारत-पाक सीमा पर तनाव बना था तो बंकर में चार से पांच परिवार रहते थे। कई ग्रामीणों ने खेतों में बंकर बना लिए तो गोलाबारी के दौरान में खेतों में पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है। जिले में 2400 बंकर बनाए जाने हैं जिनमें 2200 बंकर बन चुके हैं। कई ग्रामीणों के पास भूमि नहीं होने से बंकरों का निर्माण रुका हुआ है।
ग्रामीण विभाग के अनुसार रामगढ़ ब्लाॅक के सीमावर्ती गावों के लिए 33 बंकर बनाए जाने थे जिनमें 32 बनकर तैयार हैं। एक बंकर ही बकाया है, वह भी भूमि नहीं होने के कारण अटका है। इसके अलावा 18 कम्युनिटी बंकर बनाए जाने हैं जिनमें 5 मुकम्मल हो चुके हैं अन्यों पर काम चल रहा है।
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कोट
विभाग ने 1749 बंकर बनाने हैं जिनमें 1727 बन चुके हैं। जिन बंकरों का काम बकाया है वहां ग्रामीणों के पास भूमि नहीं है।
विजय कुमार, कार्यकारी अभियंता, भवन निर्माण विभाग सांबा
कोट
ब्लाॅक के सीमावर्ती गांवों में 78 बंकर बनाए जाने थे। सभी मुकम्मल कर दिए हैं। 15 कम्युनिटी बंकर बनाए जाने थे जिनमें चार ही मुकम्मल हुए। अन्य पर काम चल रहा है। नए बंकर बनाए जाने का सर्वे तो किया है लेकिन अभी तक अप्रूवल नहीं मिली है।
शिवाली चौधरी, बीडीओ राजपुरा
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ग्रामीण संभाल रहे काम, कम्युनिटी बंकर भी तैयार नहीं
सांबा। भारत-पाक सीमा पर कई ग्रामीणों के पास भूमि नहीं होने के कारण बंकर का काम अटका हुआ है। लोगों का कहना है कि अब तक कई बंकरों का काम मुकम्मल नहीं हो पाया। जिन लोगों के पास अपनी जमीन थी उन्होंने तो बंकर बनवा लिए लेकिन कुछ लोगों के बंकर भूमि के अभाव में अब तक मुकम्मल नहीं हो पाए हैं।
चकसदा के ग्रामीण राज कुमार ने कहा कि उनके गांव में कम्युनिटी बंकर भी अधूरे पड़े हैं। चच्वाल गांव के हरी सिंह का कहना है कि बंकरों को लोगों ने पूरी तरह से संभाला है। चलियारी निवासी राज कुमार के अनुसार गांव में कुछ ऐसे बंकर हैं जिनमें बारिश का पानी घुस जाता है। ऐसे में गोलाबारी होने पर वह कैसे सुरक्षित रह सकेंगे। बैनगलाड़ निवासी जगदीश कुमार के अनुसार उनके गांव में ग्रामीणों के पास बंकरों के लिए भूमि ही नहीं है। ऐसे में आज भी कुछ परिवार बिना बंकर के ही हैं। गत माह भारत-पाक सीमा पर तनाव बना था तो बंकर में चार से पांच परिवार रहते थे। कई ग्रामीणों ने खेतों में बंकर बना लिए तो गोलाबारी के दौरान में खेतों में पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है। जिले में 2400 बंकर बनाए जाने हैं जिनमें 2200 बंकर बन चुके हैं। कई ग्रामीणों के पास भूमि नहीं होने से बंकरों का निर्माण रुका हुआ है।
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ग्रामीण विभाग के अनुसार रामगढ़ ब्लाॅक के सीमावर्ती गावों के लिए 33 बंकर बनाए जाने थे जिनमें 32 बनकर तैयार हैं। एक बंकर ही बकाया है, वह भी भूमि नहीं होने के कारण अटका है। इसके अलावा 18 कम्युनिटी बंकर बनाए जाने हैं जिनमें 5 मुकम्मल हो चुके हैं अन्यों पर काम चल रहा है।
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कोट
विभाग ने 1749 बंकर बनाने हैं जिनमें 1727 बन चुके हैं। जिन बंकरों का काम बकाया है वहां ग्रामीणों के पास भूमि नहीं है।
विजय कुमार, कार्यकारी अभियंता, भवन निर्माण विभाग सांबा
कोट
ब्लाॅक के सीमावर्ती गांवों में 78 बंकर बनाए जाने थे। सभी मुकम्मल कर दिए हैं। 15 कम्युनिटी बंकर बनाए जाने थे जिनमें चार ही मुकम्मल हुए। अन्य पर काम चल रहा है। नए बंकर बनाए जाने का सर्वे तो किया है लेकिन अभी तक अप्रूवल नहीं मिली है।
शिवाली चौधरी, बीडीओ राजपुरा