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Jammu News: बारिश से एक हजार मकानों को नुकसान, 214 हेक्टेयर भूमि पर फसल तबाह
Sat, 01 Nov 2025 02:23 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 01 Nov 2025 02:23 AM IST
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सरकार ने न तो मुआवजा दिया है और न ही मलबा हटाने के लिए कोई भरोसा दिलाया : किसान
सांबा। अगस्त माह में भारी बारिश से एक हजार मकानों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही 214 हेक्टेयर भूमि पर फसल तबाह हुई है। विधानसभा में भाजपा विधायकों ने इस मुद्दे को जोरशोर से रखा था।
किसान खजान सिंह और कंवलीत सिंह ने कहा कि उनके खेत में आज भी मलबा पड़ा है। सरकार ने न तो मुआवजा दिया है और न ही मलबा हटाने के लिए कोई सहायता देने का भरोसा दिलाया है। इस कारण किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। इस बार गेहूं की फसल भी नहीं लग पाएगी। इसको लेकर वह चिंतित हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग ने भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया है। किसानों के खेत आज भी मलबे से भरे पड़े हैं।
कोट
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में 214 हेक्टेयर धान की फसल का मुआवजा एसडीआरएफ के तहत दिया जाएगा। अन्य फसल बीमा योजना के तहत दिया जाना है जो धान की फसल की कटाई के बाद तय किया जाना है कि बची हुई धान को कितना नुकसान हुआ है।
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- राकेश खजुरिया, जिला मुख्य कृषि अधिकारी सांबा
कोट
भारी बारिश से जिले में एक हजार मकानों को नुकसान पहुंचा था किसी को कम तो किसी को अधिक ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से टीमों का गठन किया गया। नुकसान के हिसाब से प्रभावितों के खातों में राशि जमा की है।
- चंपा देवी, एडीडीसी सांबा
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सांबा। अगस्त माह में भारी बारिश से एक हजार मकानों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही 214 हेक्टेयर भूमि पर फसल तबाह हुई है। विधानसभा में भाजपा विधायकों ने इस मुद्दे को जोरशोर से रखा था।
किसान खजान सिंह और कंवलीत सिंह ने कहा कि उनके खेत में आज भी मलबा पड़ा है। सरकार ने न तो मुआवजा दिया है और न ही मलबा हटाने के लिए कोई सहायता देने का भरोसा दिलाया है। इस कारण किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। इस बार गेहूं की फसल भी नहीं लग पाएगी। इसको लेकर वह चिंतित हैं।
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उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग ने भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया है। किसानों के खेत आज भी मलबे से भरे पड़े हैं।
कोट
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में 214 हेक्टेयर धान की फसल का मुआवजा एसडीआरएफ के तहत दिया जाएगा। अन्य फसल बीमा योजना के तहत दिया जाना है जो धान की फसल की कटाई के बाद तय किया जाना है कि बची हुई धान को कितना नुकसान हुआ है।
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- राकेश खजुरिया, जिला मुख्य कृषि अधिकारी सांबा
कोट
भारी बारिश से जिले में एक हजार मकानों को नुकसान पहुंचा था किसी को कम तो किसी को अधिक ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से टीमों का गठन किया गया। नुकसान के हिसाब से प्रभावितों के खातों में राशि जमा की है।
- चंपा देवी, एडीडीसी सांबा