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Jammu News: मूसलाधार बारिश से सांबा–मानसर मार्ग घंटों बंद, सैकड़ों वाहन फंसे
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प्रधानमंत्री सड़क माला योजना के तहत मार्ग सिक्स-लेन बनाने के लिए बीआरओ के पास आने से दिक्कत
स्टैंडबाय मशीनरी तैनात करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। मूसलाधार बारिश से रविवार सुबह सांबा–मानसर मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन से आवागमन करीब पांच से छह घंटे तक बाधित रहा। मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे सैकड़ों वाहन फंस गए और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय निवासी रोशू, मोहिंदर मनकोटिया, जगदेव सिंह, विनोद के अनुसार यह मार्ग उधमपुर और कश्मीर की ओर जाने वाले लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक भी इस मार्ग से गुजरते हैं, लोगों का कहना है कि वर्षों से इस सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है और हल्की बारिश होते ही जगह-जगह भूस्खलन तथा गड्ढों के कारण यातायात प्रभावित हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले यह मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधीन था, लेकिन प्रधानमंत्री सड़क माला योजना के तहत इसे फोर-लेन एवं सिक्स-लेन निर्माण के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपा गया। पिछले करीब पांच महीनों से बीआरओ ने इस मार्ग का कार्यभार संभाल रखा है, लेकिन अब तक सड़क की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
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लोगों के अनुसार बारिश के दौरान भूस्खलन होने पर मौके पर तुरंत मशीनरी उपलब्ध नहीं होती, जिसके कारण सड़क घंटों तक बंद रहती है। रविवार को भी सुबह से पांच-छह घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे और कई यात्री अपने जरूरी कार्यों पर समय पर नहीं पहुंच सके। बाद में बीआरओ ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और यातायात बहाल किया।
स्टैंडबाय मशीनरी तैनात करने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात के मौसम में इस मार्ग पर बीआरओ की स्टैंडबाय मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि भूस्खलन होते ही तुरंत मलबा हटाकर यातायात बहाल किया जा सके और लोगों को घंटों तक जाम में न फंसना पड़े।
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बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से सड़कों पर गिरे पेड़, घंटों यातायात ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। क्षेत्र में रविवार की सुबह चार बजे के करीब शुरू हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। क्षेत्र कई मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। बिजली के खंभे उखड़ने से आपूर्ति भी ठप रही और क्षेत्र के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रविवार की सुबह अचानक तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई जिससे सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ और टहनियां टूटकर गिर गईं, जिससे आवागमन ठप हो गया।
खौड़ ज्यौड़ियां मुख्य सड़क पर गांव चक्क मलाल के पास सड़क के बीच एक पेड़ गिर गया जिससे घंटों यातायात बंद रहा। जिससे पलांवाला खौड़ से जम्मू जानने वाली बसें भी देर से छूटी। सड़क पर दोनों तरफ जाम जैसी स्थिति बन गई। क्षेत्र के लोगों ने तहसीलदार खौड़ रंजीत सिंह को फोन पर बताया तहसीलदार की तरफ से तुरंत कार्यवाही करते हुए पेड़ को सड़क के बीच में से हटवाया और यातायात को बहाल करवाया। क्षेत्र के कई जगहों पर विद्युत तार टूटने से कई इलाकों में बिजली गुल रही, और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मार्ग साफ करने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुट गईं। गांव रजवाल के पास भी सड़क पर पेड़ गिर गया। जिसको पंचायत के लोगों की तरफ से खुद हटा दिया गया। क्षेत्र की सभी नाले तथा खड्डे उफान पर रहे। क्षेत्र के निचले गांवों में जलभराव हो गया लेकिन किसी भी तरह से नुकसान की कोई खबर नहीं है।
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स्टैंडबाय मशीनरी तैनात करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। मूसलाधार बारिश से रविवार सुबह सांबा–मानसर मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन से आवागमन करीब पांच से छह घंटे तक बाधित रहा। मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे सैकड़ों वाहन फंस गए और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय निवासी रोशू, मोहिंदर मनकोटिया, जगदेव सिंह, विनोद के अनुसार यह मार्ग उधमपुर और कश्मीर की ओर जाने वाले लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक भी इस मार्ग से गुजरते हैं, लोगों का कहना है कि वर्षों से इस सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है और हल्की बारिश होते ही जगह-जगह भूस्खलन तथा गड्ढों के कारण यातायात प्रभावित हो जाता है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले यह मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधीन था, लेकिन प्रधानमंत्री सड़क माला योजना के तहत इसे फोर-लेन एवं सिक्स-लेन निर्माण के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपा गया। पिछले करीब पांच महीनों से बीआरओ ने इस मार्ग का कार्यभार संभाल रखा है, लेकिन अब तक सड़क की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
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लोगों के अनुसार बारिश के दौरान भूस्खलन होने पर मौके पर तुरंत मशीनरी उपलब्ध नहीं होती, जिसके कारण सड़क घंटों तक बंद रहती है। रविवार को भी सुबह से पांच-छह घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे और कई यात्री अपने जरूरी कार्यों पर समय पर नहीं पहुंच सके। बाद में बीआरओ ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और यातायात बहाल किया।
स्टैंडबाय मशीनरी तैनात करने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात के मौसम में इस मार्ग पर बीआरओ की स्टैंडबाय मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि भूस्खलन होते ही तुरंत मलबा हटाकर यातायात बहाल किया जा सके और लोगों को घंटों तक जाम में न फंसना पड़े।
बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से सड़कों पर गिरे पेड़, घंटों यातायात ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। क्षेत्र में रविवार की सुबह चार बजे के करीब शुरू हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। क्षेत्र कई मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। बिजली के खंभे उखड़ने से आपूर्ति भी ठप रही और क्षेत्र के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रविवार की सुबह अचानक तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई जिससे सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ और टहनियां टूटकर गिर गईं, जिससे आवागमन ठप हो गया।
खौड़ ज्यौड़ियां मुख्य सड़क पर गांव चक्क मलाल के पास सड़क के बीच एक पेड़ गिर गया जिससे घंटों यातायात बंद रहा। जिससे पलांवाला खौड़ से जम्मू जानने वाली बसें भी देर से छूटी। सड़क पर दोनों तरफ जाम जैसी स्थिति बन गई। क्षेत्र के लोगों ने तहसीलदार खौड़ रंजीत सिंह को फोन पर बताया तहसीलदार की तरफ से तुरंत कार्यवाही करते हुए पेड़ को सड़क के बीच में से हटवाया और यातायात को बहाल करवाया। क्षेत्र के कई जगहों पर विद्युत तार टूटने से कई इलाकों में बिजली गुल रही, और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मार्ग साफ करने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुट गईं। गांव रजवाल के पास भी सड़क पर पेड़ गिर गया। जिसको पंचायत के लोगों की तरफ से खुद हटा दिया गया। क्षेत्र की सभी नाले तथा खड्डे उफान पर रहे। क्षेत्र के निचले गांवों में जलभराव हो गया लेकिन किसी भी तरह से नुकसान की कोई खबर नहीं है।