फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   samba, manasar lake, tourism

Jammu News: मानसर झील में विकास का सूखा, टेंडर निकले, अब पैसे की बारिश की उम्मीद

विज्ञापन
samba, manasar lake, tourism
पर्यटन स्थल मानसर में असुविधाओं के चलते यहां से मायूस लौट रहे हैं पर्यटक, कारोबारी भी निराश
विज्ञापन

सांबा स्थित इस झील से होते हुए कश्मीर जाते हैं लोग; बदहाल व्यू पॉइंट, उखड़े फुटपाथ, खराब झूले और लाइटें को मरम्मत की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूरी स्थित पर्यटन स्थल मानसर झील विकास के सूखे से जूझ रही है। इसके बदहाल व्यू पॉइंट , उखड़े फुटपाथ, खराब झूले और लाइटों को मरम्मत की जरूरत है। बदहाली के चलते यहां आने वाले पर्यटक मायूस लौटते हैं। पर्यटकों की संख्या घटने से कारोबारी भी परेशान हैं। हालांकि सुरुईंसर-मानसर विकास प्राधिकरण का कहना है कि विकास के लिए टेंडर हो चुके हैं। टेंडर निकलने के आशवासन के बाद अब पैसे की बारिश की उम्मीद जरूर बंधी है।
लोगों का कहना है कि सरकार की नजर-ए-इनायत से मानसर झील का विकास हो जाए तो पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ ही लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। स्थानीय अनिल, युगल किशोर, राज कुमार और मोहम्मद शरीफ आदि का कहना है कि सरकार और प्रशासन की अनदेखी से पर्यटन स्थल मानसर का विकास नहीं हो पा रहा है। यहां के व्यू पॉइंट्स बदहाल हैं, जिस कारण पर्यटक झील की सुंदरता को नहीं निहार पा रहे हैं। फुटपाथ भी टूटकर चलने लायक नहीं बचे हैं। बच्चों के लिए लगाए झूले खराब और लाइटें बंद पड़ी हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते पर्यटकों की संख्या में अब कमी आ रही है। पहले हजारों में पर्यटक आते थे, लेकिन अब आंकड़ा सैकड़ों में सिमट गया है। मानसर का विकास हो, तो सांबा से मानसर तक सड़क के किनारे बसे दुकानदारों के कारोबार में भी बढ़ोतरी हो सकती है। मानसर घूमने आए छात्र अनुज और गोविंदर ने बताया कि यहां मनोरंजन के साधन नहीं हैं। बड़े तो फिर भी झील देख लेते हैं लेकिन बच्चों को मायूसी मिलती है।
विज्ञापन




लोगों ने पूछा विकास के लिए घोषित 2000 हजार करोड़ के फंड का क्या हुआ
लोगों ने सरकार से पूछा है कि एक नवंबर 2020 को मानसर के विकास के लिए घोषित दो हजार करोड़ रुपये के फंड का क्या हुआ। उस समय मानसर के विकास का शिलान्यास भी किया गया था, जिसमें केंद्रीय मंत्री डाॅ़ जितेंद्र सिंह, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद रहे थे। तीन साल बाद भी लोग घोषित फंड आने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों के अनुसार कि कश्मीर में पर्यटक स्थलों के लिए फंड की कोई कमी नहीं है लेकिन जम्मू संभाग में इनकी अनदेखी हो रही है। उन्होंने उप राज्यपाल से भी मानसर झील के विकास की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन




झील किनारे स्थित नाग देवता मंदिर आस्था का केंद्र
ऐतिहासिक मानसर झील के किनारे पर नाग देवता मंदिर भी है, जो आस्था का केंद्र है। यहां हर साल बड़ा मेला लगता है, जहां दूर-दराज से काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां मेला भी लगता है जिससे कइयों को रोजगार मिलता है। अगर क्षेत्र का विकास हो जाए तो स्थिति और भी बेहतर हो जाएगी।


ऐतिहासिक मानसर झील के विकास के लिए टेंडर निकाले हैं। क्षतिग्रस्त व्यू प्वाइंट्स, खराब लाइटें, फुटपाथ और झूलों की जल्द मरम्मत के लिए काम शुरू करवाया जाएगा। एक करोड़ के फंड उपलब्ध हुए हैं। इसके अतिरिक्त निदेशक के पास भी फंड है, जिनका इस्तेमाल मानसर झील के सौंदर्यीकरण के लिए किया जाएगा।
- वेद प्रकाश, सीइओ, सुरुईंसर-मानसर विकास प्राधिकरण, सांबा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed