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मिशन कश्मीर की खातिर सज्जाद लोन को हर हाल में मनाएगा भगवा खेमा
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 07 Apr 2016 10:17 AM IST
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सज्जाद गनी लोन
- फोटो : FILE PHOTO
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मोदी तथा भगवा खेमे के मिशन कश्मीर को परवान चढ़ाने के लिए नाखुश पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष तथा पूर्व अलगाववादी नेता सज्जाद गनी लोन को हर हाल में मनाने की पुरजोर कोशिशें चल रही हैं। केंद्रीय नेतृत्व से लेकर राज्य इकाई तक इन प्रयासों में जुटा है।
भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि घाटी में अपनी ताकत दिखाने के लिए लोन का साथ होना जरूरी है। वैसे भीअगले कुछ महीनों में होने वाले निकाय तथा पंचायत चुनावों से पहले लोन से नाता तोड़ना खतरे की घंटी ही होगी।
भगवा खेमे का मानना है कि घाटी में बढ़ती अलगाववादी घटनाओं तथा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का माकूल जवाब देने के लिए भी लोन का साथ होना जरूरी है। इससे यह संदेश देने की कोशिश होगी कि अलगाववाद के रास्ते को छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होकर भी बहुत कुछ किया जा सकता है।
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भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि घाटी में अपनी ताकत दिखाने के लिए लोन का साथ होना जरूरी है। वैसे भीअगले कुछ महीनों में होने वाले निकाय तथा पंचायत चुनावों से पहले लोन से नाता तोड़ना खतरे की घंटी ही होगी।
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भगवा खेमे का मानना है कि घाटी में बढ़ती अलगाववादी घटनाओं तथा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का माकूल जवाब देने के लिए भी लोन का साथ होना जरूरी है। इससे यह संदेश देने की कोशिश होगी कि अलगाववाद के रास्ते को छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होकर भी बहुत कुछ किया जा सकता है।
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सज्जाद ने कई मौकों पर भाजपा की इज्जत बचाई
अलगाववाद छोड़ मुख्य धारा में आए थे सज्जाद
- फोटो : FILE PHOTO
वर्ष 2014 में सज्जाद गनी लोन ने प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर उनकी तारीफों के पुल बांधे तो उस मौके को भगवा खेमे ने खूब भुनाया था। देश-दुनिया में यह संदेश दिया था कि मोदी न तो मुस्लिम विरोधी हैं और न ही कश्मीर विरोधी। अब वह इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहते हैं जबकि असम, बंगाल सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं।
पार्टी विपक्षियों खासकर कांग्रेस को बैठे बिठाए कोई हथियार नहीं सौंपना चाहती है। इसके साथ ही रियासत की राजनीति में नेशनल कांफ्रेंस तथा हुर्रियत को भी इसका फायदा नहीं उठाने देने की कोशिश होगी। भाजपा विधायक दल के नेता तथा डिप्टी सीएम डा. निर्मल कुमार सिंह का कहना है कि परिवार में थोड़ी खटपट चलती रहती है। सज्जाद गनी लोन को यदि कोई शिकायत होगी तो बात कर उसका समाधान खोजने की कोशिश की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विधानसभा चुनाव से पहले या फिर सात नवंबर 2015 को श्रीनगर में हुई रैली में लोन ने ही भाजपा की इज्जत बचाई थी। रैली में भीड़ जुटाने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में सज्जाद लोन की महत्वपूर्ण भूमिका थी। भाजपा ने यह रणनीति भी बनाई थी कि लोन के बलबूते घाटी में जनाधार बढ़ाया जाए।
पार्टी विपक्षियों खासकर कांग्रेस को बैठे बिठाए कोई हथियार नहीं सौंपना चाहती है। इसके साथ ही रियासत की राजनीति में नेशनल कांफ्रेंस तथा हुर्रियत को भी इसका फायदा नहीं उठाने देने की कोशिश होगी। भाजपा विधायक दल के नेता तथा डिप्टी सीएम डा. निर्मल कुमार सिंह का कहना है कि परिवार में थोड़ी खटपट चलती रहती है। सज्जाद गनी लोन को यदि कोई शिकायत होगी तो बात कर उसका समाधान खोजने की कोशिश की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विधानसभा चुनाव से पहले या फिर सात नवंबर 2015 को श्रीनगर में हुई रैली में लोन ने ही भाजपा की इज्जत बचाई थी। रैली में भीड़ जुटाने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में सज्जाद लोन की महत्वपूर्ण भूमिका थी। भाजपा ने यह रणनीति भी बनाई थी कि लोन के बलबूते घाटी में जनाधार बढ़ाया जाए।