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सुमिरन कर रहे व्यक्ति के पास नहीं आता काल : मधु परमहंस
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साहिब बंदगी के सद्गुरु ने रखबंधु में किए प्रवचन
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। साहिब बंदगी के सद्गुरु मधुपरमहंस महाराज ने रविवार को रखबंधु में प्रवचनों की अमृत वर्षा से संगत को अध्यात्म रस में सराबोर किया। कहा कि प्रभु नाम के अलावा आप जो भी सोच रहे हैं, जो भी कर रहे हैं, सब काल की फांस है। जिस समय आप सुमिरन कर रहे हैं, काल का जोर उस समय आप पर नहीं चलता है। जैसे आदमी करंट को हाथ नहीं लगाता, ऐसे ही जब तक आप प्रभु नाम में लगे हैं तो यम के दूत भी हाथ नहीं लगाते।
बताया कि जब मृत्यु आती है तो भेद पता चलता है। दो तरह से आप जान सकते हैं। जब आप नैन पलटेंगे तो आपकी ही देह की परछाईं आपको दिखेगी। विराट की साधना करने वाले जान सकते हैं कि किस दिन वे शरीर छोड़ेंगे। यह एक कला है। जिस दिन सिर नहीं दिखे तो उसी दिन से 6 महीने बाद मौत होगी। दूसरा, जब दिन में सूर्य हो तो अपनी परछाईं को पलक झपके बिना 1 मिनट तक देखना। फिर एकाएक आसमान में देखना। वहां आपको अपनी परछाईं पूरी दिखेगी। अगर शीश नहीं दिखे तो उस दिन से 6 महीने बाद आपकी मौत होगी। यह एक पक्का संकेत है। किसी धर्म शास्त्र में यह नहीं मिलेगा। यह साहिब ने बोला।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। साहिब बंदगी के सद्गुरु मधुपरमहंस महाराज ने रविवार को रखबंधु में प्रवचनों की अमृत वर्षा से संगत को अध्यात्म रस में सराबोर किया। कहा कि प्रभु नाम के अलावा आप जो भी सोच रहे हैं, जो भी कर रहे हैं, सब काल की फांस है। जिस समय आप सुमिरन कर रहे हैं, काल का जोर उस समय आप पर नहीं चलता है। जैसे आदमी करंट को हाथ नहीं लगाता, ऐसे ही जब तक आप प्रभु नाम में लगे हैं तो यम के दूत भी हाथ नहीं लगाते।
बताया कि जब मृत्यु आती है तो भेद पता चलता है। दो तरह से आप जान सकते हैं। जब आप नैन पलटेंगे तो आपकी ही देह की परछाईं आपको दिखेगी। विराट की साधना करने वाले जान सकते हैं कि किस दिन वे शरीर छोड़ेंगे। यह एक कला है। जिस दिन सिर नहीं दिखे तो उसी दिन से 6 महीने बाद मौत होगी। दूसरा, जब दिन में सूर्य हो तो अपनी परछाईं को पलक झपके बिना 1 मिनट तक देखना। फिर एकाएक आसमान में देखना। वहां आपको अपनी परछाईं पूरी दिखेगी। अगर शीश नहीं दिखे तो उस दिन से 6 महीने बाद आपकी मौत होगी। यह एक पक्का संकेत है। किसी धर्म शास्त्र में यह नहीं मिलेगा। यह साहिब ने बोला।
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