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युसूरा ने बताई आपबीती: खारकीव की फिजां में चारों ओर बारूद की गंध, भारतीय छात्र बंकर में काट रहे दिन
Sun, 27 Feb 2022 08:39 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 27 Feb 2022 08:39 PM IST
सार
युसूरा व उसकी दोस्त बिल्किश ने शनिवार को बताया था कि वे सुरक्षित हैं और बंकर में शिफ्ट कर रही हैं। चारो ओर धमाके की आवाज आ रही है। बारूद की गंध पूरी फिजां में फैली हुई है।
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बेसमेंट में ठहरे भारतीय छात्र।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रही श्रीनगर के बेमिना इलाके की युसूरा चिश्ती और उसकी दोस्त कुपवाड़ा की बिल्किश खारकीव शहर में फंसी हुई हैं। सरकार की सलाह पर दोनों बंकर में छिपकर जिंदगी की सलामती और भारत सरकार के सुरक्षित निकालने की कोशिशों की आस में हैं। युसूरा का परिवार वालों से शनिवार को दोपहर में संपर्क हो पाया है तब वह बंकर में शिफ्ट कर रही थी। उसके बाद से कोई बातचीत नहीं हुई है। परिवार वाले लगातार उसकी सलामती की दुआएं मांग रहे हैं।
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युसूरा की मां फैजुल्लाह पीर ने फोन पर बताया कि युसूरा व उसकी दोस्त बिल्किश ने शनिवार को बताया था कि वे सुरक्षित हैं और बंकर में शिफ्ट कर रही हैं। चारो ओर धमाके की आवाज आ रही है। बारूद की गंध पूरी फिजां में फैली हुई है। पास के पैसे खत्म हो गए हैं। एटीएम बंद पड़े हैं। खाने के भी अब लाले पड़ने शुरू हो गए हैं। भारत सरकार ने दूतावास के माध्यम से इंडियन एयरलांइस से सुरक्षित निकालने की सूचना दी है तबसे वह जूते वगैरह पहनकर तैयार बैठी हैं, लेकिन उसके बाद से कोई सूचना नहीं आई।
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बेटी की सलामती की सता रही चिंता
फैजुल्लाह ने बताया कि यूक्रेन में जो हालात बने हैं उससे बेटी की सलामती को लेकर चिंता सताने लगी है। सरकार से अपील है कि वह यूक्रेन में फंसे छात्रों व अन्य लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाले। बड़ी बेटी ईशा चिश्ती चंडीगढ़ से डेंटल सर्जरी तथा छोटा बेटा डॉ. मिनाम चिश्ती बांग्लादेश से इंटर्नशिप कर रहा है। बेटी युसूरा एमबीबीएस दूसरे वर्ष में है। सभी युसूरा को लेकर परेशान है। कभी संपर्क हो पा रहा है और कभी नहीं।
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