उधमपुर घटना के विरोध में सदनों में जोरदार हंगामा
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उधमपुर घटना के विरोध में शनिवार को दोनों सदनों में जोरदार हंगामा हुआ। विधानसभा तथा विधान परिषद में विपक्ष ने नारेबाजी की। इस दौरान कश्मीर आधारित ट्रक पर हमले के लिए विपक्ष ने भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया।
इसको लेकर नेकां नेता और भाजपा मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि घटना की निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जा रही है। जो कोई भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सरकार के जवाब से नाखुश विपक्ष ने वाकआउट किया।
विधानसभा सदन में स्पीकर कवींद्र गुप्ता के आते ही कांग्रेस के अब्दुल मजीद लारमी ने उधमपुर की घटना का मुद्दा उठाया। इसका अली मोहम्मद सागर तथा मोहम्मद अकबर लोन ने समर्थन किया। सदस्यों ने इस मामले को लेकर हंगामा करना शुरु कर दिया तो सरकार की ओर से हार्टिकल्चर, हज एवं आकाफ मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने सदन में उठकर जवाब दिया।
घटना के पीछे भाजपा कार्यकर्ताओं का हाथ बताया
उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है। कश्मीर आ रहे ट्रक पर हमले में घायलों को इलाज के लिए जम्मू भेजा गया है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुकदमा दायर कर लिया गया है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि जांच जारी है। सदन को उन्होंने आश्वस्त किया कि निष्पक्ष जांच जारी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इसी दौरान अली मोहम्मद सागर ने सरकार के जवाब पर आपत्ति जताई। साथ ही भाजपा सदस्यों की ओर इशारा कर कहा कि आग लगाना चाहते हो क्या। इस पर समाज कल्याण मंत्री बाली भगत ने आपत्ति जताई।
दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई। इसके बाद नेकां, कांग्रेस के सदस्यों के अलावा सीपीआईएम के एमवाई तारिगामी, मोहम्मद हकीम यासिन ने वाकआउट कर दिया। हालांकि, थोड़ी देर बाद वे सदन में लौट आए।