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खनन के ठेके पर विधानसभा में भारी हंगामा
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:15 AM IST
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विधानसभा में हंगामा
- फोटो : Amar Ujala
एसआरओ 105 पर सदन की रोक और सदन की समिति द्वारा जारी जांच व अदालत में मामला विचाराधीन होने के बावजूद एक गैर रियासती व्यक्ति को रावी दरिया में उत्खनन का ठेका दिए जाने के मामले पर शुक्रवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ।
एकजुट विधायकों ने सरकार को घेरते हुए सरकार से जवाब मांगा। साथ ही मंत्री के इस्तीफे और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व उद्योग विभाग के आयुक्त सचिव के निलंबन की मांग की। स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। साथ ही उद्योग मंत्री को पूरे मामले पर पक्ष रखने के लिए एक दिन का समय देकर उन्हें बचा भी लिया। इस पूरे मामले पर राज्य सरकार बैकफुट पर नजर आई।
नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस के सदस्यों ने उद्योग मंत्री से इस्तीफा ही नहीं मांगा, बल्कि उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की मांग भी की। सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष के सदस्य सीटों से खड़े हो गए। भाजपा और पीडीपी के विधायक भी खड़े हो गए।
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सीपीआई (एम) विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने स्पीकर से कहा कि यहां एसआरओ 105 पर अमल को रोकने का आदेश आपने दिया है। सदन की समिति मामले की समीक्षा कर रही है। इसके बावजूद उद्योग विभाग ने कठुआ में रावी दरिया में 40 हेक्टेयर के इलाके में चंडीगढ़ निवासी मोहन पाल सिंह को उत्खनन का ठेका दे दिया है।
नेकां विधायक मोहम्मद अकबर लोन ने कहा कि वे सदन समिति के चेयरमैन हैं। यह कैसे हुआ। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व उद्योग विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाए।
मामले को तूल पकड़ते देख उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा ने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसा कुछ नहीं है। लेकिन, वे यकीन दिलाते हैं कि जांच के बाद संबधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
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एकजुट विधायकों ने सरकार को घेरते हुए सरकार से जवाब मांगा। साथ ही मंत्री के इस्तीफे और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व उद्योग विभाग के आयुक्त सचिव के निलंबन की मांग की। स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। साथ ही उद्योग मंत्री को पूरे मामले पर पक्ष रखने के लिए एक दिन का समय देकर उन्हें बचा भी लिया। इस पूरे मामले पर राज्य सरकार बैकफुट पर नजर आई।
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नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस के सदस्यों ने उद्योग मंत्री से इस्तीफा ही नहीं मांगा, बल्कि उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की मांग भी की। सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष के सदस्य सीटों से खड़े हो गए। भाजपा और पीडीपी के विधायक भी खड़े हो गए।
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सीपीआई (एम) विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने स्पीकर से कहा कि यहां एसआरओ 105 पर अमल को रोकने का आदेश आपने दिया है। सदन की समिति मामले की समीक्षा कर रही है। इसके बावजूद उद्योग विभाग ने कठुआ में रावी दरिया में 40 हेक्टेयर के इलाके में चंडीगढ़ निवासी मोहन पाल सिंह को उत्खनन का ठेका दे दिया है।
नेकां विधायक मोहम्मद अकबर लोन ने कहा कि वे सदन समिति के चेयरमैन हैं। यह कैसे हुआ। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व उद्योग विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाए।
मामले को तूल पकड़ते देख उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा ने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसा कुछ नहीं है। लेकिन, वे यकीन दिलाते हैं कि जांच के बाद संबधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।