{"_id":"ce96e4fe6b85781761483e9e5f497b64","slug":"rss-creat-pressure-on-mufti-government-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुफ्ती सरकार पर दबाव की रणनीति बनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुफ्ती सरकार पर दबाव की रणनीति बनी
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 30 Aug 2015 10:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरनाथ भूमि आंदोलन के दौरान 150 से अधिक कार्यकर्ताओं पर दाखिल मुकदमे हटाने के लिए संघ ने मुफ्ती सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बना ली है।
विज्ञापन
रियासत के डिप्टी सीएम, सांसद तथा मंत्री की मौजूदगी में मुकदमे वापस लेने की आवाज उठी। तय किया गया कि सरकार इसके लिए एक्शन प्लान बनाए। एक निश्चित समय सीमा के भीतर मुकदमे वापसी की प्रक्रिया शुरू की जाए।
विज्ञापन
शहर के गीता भवन में आयोजित शहीदी दिवस कार्यक्रम में बम-बम भोले आंदोलन की याद दिलाई गई। कहा गया कि आज जो लोग सरकार में हैं वे बम भोले के आंदोलन के दौरान साथ थे। वे भी आंदोलन में भागीदार थे। लेकिन, सरकार में आते ही उनकी नजरें बदल गईं।
विज्ञापन
जिन कार्यकर्ताओं पर मुकदमे हैं उनके बच्चे पासपोर्ट न बन पाने की वजह से उच्च शिक्षा के लिए विदेश नहीं जा पा रहे हैं। इन्हें रोजगार मिलने में भी दिक्कतें हो रहीं हैं। कारण सत्यापन के दौरान मुकदमे की बात सामने आने पर यह अवसर उनके हाथ से फिसला जा रहा है।
सरकार को चेताया गया कि कार्यकर्ताओं से हर हाल में मुकदमे हटने चाहिए। जम्मू के लोगों को भाजपा एकजुट देखना चाहती है तो उसे अपने गिरेबां में झांककर देखना होगा। कार्यकर्ताओं के सुख दुख में भागीदार बनना होगा।
यह भी कहा गया कि कश्मीर में पत्थरबाजों से एक-एक कर मुकदमे हटा लिए गए हैं तो फिर यहां कोई वैधानिक अड़चन उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। महा मंडलेश्वर रामेश्वर दास ने सरकार के प्रतिनिधियों के सामने चेताया कि सरकार अपने कर्तव्य का पालन करे।
अमरनाथ भूमि आंदोलन से जुड़े लोगों पर दाखिल मुकदमे हटाने के लिए सक्रिय हो। इस अवसर पर डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा, शिक्षा एवं संस्कृति राज्य मंत्री प्रिया सेठी, संघ के प्रांत प्रचारक पुरुषोत्तम दधीचि, सह प्रचारक राकेश कुमार, अमरनाथ संघर्ष समिति के अध्यक्ष पवन कोहली सहित पूरे जम्मू संभाग के संघ के आनुषांगिक संगठनों-विहिप, बजरंग दल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।