{"_id":"60c650518ebc3e169771a61d","slug":"road-rspura-news-jmu2372597110","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैक टू विलेज के तहत बनाई गई सड़क 20 दिनों में ही टूटी, गाँव सिहोड़ा के ग्रामीणों ने जताया रोष।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैक टू विलेज के तहत बनाई गई सड़क 20 दिनों में ही टूटी, गाँव सिहोड़ा के ग्रामीणों ने जताया रोष।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिश्नाह। गांव सिहोड़ा में 10 लाख रुपये की लागत से बनी एक किलोमीटर सड़क 20 दिन के भीतर ही टूट गई है। सड़क के इतनी जल्दी टूटने से ग्रामीणों में काफी रोष है। सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी की तरफ से किया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क बीस साल से जर्जर थी। बैक टू विलेज कार्यक्रम में इसकी समस्या रखी गई, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी को सड़का निर्माण के लिए 10 लाख रुपये फंड मुहैया कराया गया, लेकिन मात्र 15 दिन के अंदर ही यह सड़क टूटनी शुरू हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि इतने वर्षों बाद यह सड़क बनकर तैयार हुई, लेकिन पीडब्ल्यूडी व ठेकेदार की मिलीभगत के कारण यह सड़क बनते ही टूटनी शुरू हो चुकी है। इसका नुकसान गांव की जनता को होगा। सड़क बनवाने के लिए वर्षों से जद्दोजहद की जा रही थी। निमभन स्तर की सामग्री से बनाई गई सड़क को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पीडब्ल्यूडी से मांग है कि सड़क को फिर से बनाया जाए, नहीं तो विभाग के कार्यालय का घेराव करेंगे।
------
सड़क निर्माण में निमभन स्तर की सामग्री का इस्तेमाल करने का पहले ही अंदाजा लग चुका था, इसलिए ठेकेदार के भुगतान को रुकवा दिया था। जब तक ठेकेदार इस सड़क को सही तरीके से नहीं बनाएगा तक तक उसको कोई भुगतान जारी नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
-स्माइली, सरपंच
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क बीस साल से जर्जर थी। बैक टू विलेज कार्यक्रम में इसकी समस्या रखी गई, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी को सड़का निर्माण के लिए 10 लाख रुपये फंड मुहैया कराया गया, लेकिन मात्र 15 दिन के अंदर ही यह सड़क टूटनी शुरू हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि इतने वर्षों बाद यह सड़क बनकर तैयार हुई, लेकिन पीडब्ल्यूडी व ठेकेदार की मिलीभगत के कारण यह सड़क बनते ही टूटनी शुरू हो चुकी है। इसका नुकसान गांव की जनता को होगा। सड़क बनवाने के लिए वर्षों से जद्दोजहद की जा रही थी। निमभन स्तर की सामग्री से बनाई गई सड़क को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पीडब्ल्यूडी से मांग है कि सड़क को फिर से बनाया जाए, नहीं तो विभाग के कार्यालय का घेराव करेंगे।
विज्ञापन
------
सड़क निर्माण में निमभन स्तर की सामग्री का इस्तेमाल करने का पहले ही अंदाजा लग चुका था, इसलिए ठेकेदार के भुगतान को रुकवा दिया था। जब तक ठेकेदार इस सड़क को सही तरीके से नहीं बनाएगा तक तक उसको कोई भुगतान जारी नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
-स्माइली, सरपंच