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Jammu News: 400 मीटर सड़क आजादी के बाद भी तारकोल से वंचित
Mon, 29 Apr 2024 04:52 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 29 Apr 2024 04:52 AM IST
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- 15 गांव की 15000 आबादी का मुख्य सड़क मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सुचेतगढ़ ब्लॉक के गांव शेरेचक से अरनिया को जोड़ने वाला 400 मीटर सड़क मार्ग पर आजादी के बाद अब तक तारकोल से वंचित है। यह सड़क मार्ग 15 गांव की 15000 आबादी को लाभ पहुंचाता है। 15 गांव के लोग इस मार्ग से अरनिया कस्बे में पहुंचते हैं। वहां से अपनी खरीदारी, व्यापार, बच्चों की पढ़ाई, अस्पताल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। तकरीबन 15 साल पहले पूर्व विधायक गुरूराम चौधरी द्वारा इस सड़क मार्ग पर पत्थर डलवाया गया था। परंतु इस सड़क मार्ग पर अभी तक तारकोल नहीं डाली गई है। सड़क मार्ग की हालत झज्जर होने के कारण लोगों को अरनिया पहुंचने के लिए तीन से चार किलोमीटर का सफर 10 से 15 किलोमीटर का तय करना पड़ रहा है। जिससे लोगों का आर्थिक बोझ और समय का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग 15 साल पहले 400 मीटर सड़क मार्ग पर सिर्फ पत्थर डाला गया था। अभी तक इस सड़क मार्ग पर तारकोल नहीं डाली गई है। तेज बारिश के कारण पत्थर नुकीले हो गए हैं। सड़क काफी समय से ऊबड़ खाबड़ हो गई है। शाम ढलते ही इस सड़क मार्ग से गुजरना और मुश्किल हो जाता है, क्योंकि गड्ढे और नुकीले पत्थरों से वाहन चालक नीचे गिर जाते हैं। आते जाते राहगीर और वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। पिछले एक महीने में पांच वाहन चालकों को हादसे का शिकार होना पड़ा है। परंतु पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से 400 मीटर के इस सड़क मार्ग को तारकोल में तब्दील नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को इस सड़क मार्ग पर तारकोल डालने के लिए कहा गया है। परंतु उनकी तरफ से इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया है। लिहाजा आज भी लोग इसी नुकीले और पथरीले रास्ते पर चलने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा इस मुद्दे पर तत्काल कार्यवाही नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में वह धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
रोजाना अरनिया से शेरे चक गांव में इसी मार्ग से होकर अपने खेतों में पहुंचते हैं। सड़क मार्ग जर्जर होने से कई बार वह हादसे का शिकार हुए हैं। अगर इस मार्ग पर तारकोल डाल दिया जाता है, तो लोगों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी।
किसान बलराज सिंह
महज 5 मिनट में अरनिया कस्बे में इस मार्ग से पहुंच जाता है। मगर सड़क मार्ग नुकीला और पथरीला होने से ज्यादातर लोग इस सड़क मार्ग का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। अगर इस मार्ग पर तारकोल डाल दी जाए, तो लोगों को और ज्यादा आसानी हो जाएगी।
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बलवीर सिंह, निवासी मुलेचक्क
15 गांव के लोगों को यह मार्ग शॉर्टकट अरनिया से जोड़ता है। लोग कम पैसे खर्च कर और समय की बचत करने के लिए अरनिया में व्यापार के लिए आते हैं। मगर सड़क मार्ग की हालत खस्ता होने के कारण ज्यादातर लोग अन्य शहरों का रुख कर लेते हैं। इससे लोग तो परेशान हो रहे हैं। लेकिन अरनिया कस्बे का व्यापारी भी इस समस्या से निरंतर जूझ रहा है।
कैलाश चंद्र सैनी, प्रधान व्यापार मंडल अरनिया
अगर इस मार्ग पर तारकोल डाल दी जाती है, तो उन्हें अरनिया मंडी में सब्जी भेजने में आसानी हो जाएगी। सड़क की हालत खस्ता होने के चलते कोई भी गाड़ी वाला इस मार्ग से अरनिया जाने के लिए तैयार नहीं है। इसका नुकसान किसानों को हो रहा है। लिहाजा पीडब्ल्यूडी विभाग को इस 400 मीटर सड़क मार्ग पर तारकोल डाल दी जानी चाहिए।
किसान पप्पू राम
पहले यह क्षेत्र किसी अन्य अधिकारी के पास था। हाल ही में उन्हें इसका चार्ज दिया गया है। इस सड़क मार्ग को लेकर उनको पहले भी अवगत किया गया है। लिहाजा क्षेत्र का दौरा करने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। ग्रामीणों को सुविधा देने के लिए जल्द से इस काम को प्लान में रख दिया जाएगा।
पिंका कुमार, जेई पीडब्ल्यूडी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सुचेतगढ़ ब्लॉक के गांव शेरेचक से अरनिया को जोड़ने वाला 400 मीटर सड़क मार्ग पर आजादी के बाद अब तक तारकोल से वंचित है। यह सड़क मार्ग 15 गांव की 15000 आबादी को लाभ पहुंचाता है। 15 गांव के लोग इस मार्ग से अरनिया कस्बे में पहुंचते हैं। वहां से अपनी खरीदारी, व्यापार, बच्चों की पढ़ाई, अस्पताल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। तकरीबन 15 साल पहले पूर्व विधायक गुरूराम चौधरी द्वारा इस सड़क मार्ग पर पत्थर डलवाया गया था। परंतु इस सड़क मार्ग पर अभी तक तारकोल नहीं डाली गई है। सड़क मार्ग की हालत झज्जर होने के कारण लोगों को अरनिया पहुंचने के लिए तीन से चार किलोमीटर का सफर 10 से 15 किलोमीटर का तय करना पड़ रहा है। जिससे लोगों का आर्थिक बोझ और समय का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग 15 साल पहले 400 मीटर सड़क मार्ग पर सिर्फ पत्थर डाला गया था। अभी तक इस सड़क मार्ग पर तारकोल नहीं डाली गई है। तेज बारिश के कारण पत्थर नुकीले हो गए हैं। सड़क काफी समय से ऊबड़ खाबड़ हो गई है। शाम ढलते ही इस सड़क मार्ग से गुजरना और मुश्किल हो जाता है, क्योंकि गड्ढे और नुकीले पत्थरों से वाहन चालक नीचे गिर जाते हैं। आते जाते राहगीर और वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। पिछले एक महीने में पांच वाहन चालकों को हादसे का शिकार होना पड़ा है। परंतु पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से 400 मीटर के इस सड़क मार्ग को तारकोल में तब्दील नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को इस सड़क मार्ग पर तारकोल डालने के लिए कहा गया है। परंतु उनकी तरफ से इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया है। लिहाजा आज भी लोग इसी नुकीले और पथरीले रास्ते पर चलने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा इस मुद्दे पर तत्काल कार्यवाही नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में वह धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
रोजाना अरनिया से शेरे चक गांव में इसी मार्ग से होकर अपने खेतों में पहुंचते हैं। सड़क मार्ग जर्जर होने से कई बार वह हादसे का शिकार हुए हैं। अगर इस मार्ग पर तारकोल डाल दिया जाता है, तो लोगों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी।
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किसान बलराज सिंह
महज 5 मिनट में अरनिया कस्बे में इस मार्ग से पहुंच जाता है। मगर सड़क मार्ग नुकीला और पथरीला होने से ज्यादातर लोग इस सड़क मार्ग का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। अगर इस मार्ग पर तारकोल डाल दी जाए, तो लोगों को और ज्यादा आसानी हो जाएगी।
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बलवीर सिंह, निवासी मुलेचक्क
15 गांव के लोगों को यह मार्ग शॉर्टकट अरनिया से जोड़ता है। लोग कम पैसे खर्च कर और समय की बचत करने के लिए अरनिया में व्यापार के लिए आते हैं। मगर सड़क मार्ग की हालत खस्ता होने के कारण ज्यादातर लोग अन्य शहरों का रुख कर लेते हैं। इससे लोग तो परेशान हो रहे हैं। लेकिन अरनिया कस्बे का व्यापारी भी इस समस्या से निरंतर जूझ रहा है।
कैलाश चंद्र सैनी, प्रधान व्यापार मंडल अरनिया
अगर इस मार्ग पर तारकोल डाल दी जाती है, तो उन्हें अरनिया मंडी में सब्जी भेजने में आसानी हो जाएगी। सड़क की हालत खस्ता होने के चलते कोई भी गाड़ी वाला इस मार्ग से अरनिया जाने के लिए तैयार नहीं है। इसका नुकसान किसानों को हो रहा है। लिहाजा पीडब्ल्यूडी विभाग को इस 400 मीटर सड़क मार्ग पर तारकोल डाल दी जानी चाहिए।
किसान पप्पू राम
पहले यह क्षेत्र किसी अन्य अधिकारी के पास था। हाल ही में उन्हें इसका चार्ज दिया गया है। इस सड़क मार्ग को लेकर उनको पहले भी अवगत किया गया है। लिहाजा क्षेत्र का दौरा करने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। ग्रामीणों को सुविधा देने के लिए जल्द से इस काम को प्लान में रख दिया जाएगा।
पिंका कुमार, जेई पीडब्ल्यूडी