फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   road accident in jammu

जम्मू: पलक झपकते ही बदल गई जिंदगी

Wed, 15 Apr 2015 11:51 PM IST
Updated Wed, 15 Apr 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
road accident in jammu

कुछ देर के लिए कुछ समझ नहीं आया कि अचानक क्या हो गया है। यही हाल दसवीं कक्षा की कनिका चिब का था। कनिका की दोनों टांगों और कूल्हे में गंभीर चोटें आई हैं। घायल छात्राएं दर्द से कराह रही थीं। कनिका ने बताया कि सुबह वह स्कूल गेट से थोड़ी दूरी पर थी, तभी अचानक एक बस कई वाहनों से टकराते हुए उसकी तरफ आ गई।

विज्ञापन


बेटी को इस हालत में देखकर विजय का भी बुरा हाल था। हादसे की सूचना पाकर जीएमसी पहुंचे विजय बार-बार बेटी को सांत्वना दे रहे थे। इस बीच इमरजेंसी वार्ड में भर्ती सातवीं कक्षा की जसलीन कौर भी काफी सहमी हुई थी। वह बार-बार बोल रही थी कि उसे कुछ नहीं पता क्या हुआ है।
विज्ञापन


मां गुरजीत कौर और पिता इंद्रजीत सिंह भी बेटी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे। अंकल प्रीतपाल सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना पाकर वह सीधे जीएमसी पहुंचे। घायल छात्राओं को इलाज देने के लिए स्कूल प्रशासन के लोग भी अस्पताल में मौजूद रहे। स्कूल से आए एक कर्मी ने बताया कि स्कूल प्रशासन की ओर से अमृतसर में इलाज के लिए दोनों छात्राओं को आर्थिक मदद दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्चों को देखकर हर किसी का दिल पसीज जाता है। जीएमसी की इमरजेंसी के बाहर बुधवार को यह नजारा दिखा। बस हादसे की घायल सिमरन जीत कौर और कनिका चिब को अमृतसर रेफर करते समय हर कोई मदद के लिए आगे आया। इमरजेंसी में पहुंचे अन्य तीमारदारों ने भी दोनों बच्चियों को भीतर से बाहर लाने और एंबुलेंस में डालने में मदद की।

बस हादसे के बाद जीएमसी में रही अफरा-तफरी

road accident in jammu

स्कूल बस हादसे के बाद बुधवार सुबह जीएमसी में अफरा-तफरी का माहौल रहा। एक के बाद तीन छात्राओं सहित चार घायलों के इमरजेंसी में पहुंचने पर परिवार और रिश्तेदारों का पहुंचना शुरू हो गया। हर कोई अपने जिगर के टुकड़ों की खैरियत जानने के लिए पहुंच रहा था। घटना की सूचना मिलने पर इमरजेंसी में भी अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे।

टांगों और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आने वाली घायल छात्राओं का बस यही कहना था कि पलक झपकते ही सब कुछ बदल गया। कई वाहनों के एक साथ टकराने पर कुछ समझ नहीं आया और अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में घायल छात्राएं काफी सहमी हुईं थीं।

पहले से ही अपने मां-बाप को खो चुकी सातवीं कक्षा की सिरमन जीत कौर की दायीं टांग में कई फैक्चर हैं। अपनों को खोने का गम झेल रही कौर को सांत्वना देने रिश्तेदार पहुंचे थे। सिमरनजीत ने बताया कि वह सुबह स्कूल गेट के भीतर आने ही वाली थी, तभी अचानक जोरदार आवाज के साथ कई वाहनों के टकराने पर वह उसकी चपेट में आ गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed