हिजबुल के हौसले पस्त, नायकू के बाद सैफुल्लाह को बनाया जा सकता है सरगना
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आतंकी रियाज नायकू के मारे जाने के बाद हिजबुल की कमर टूट चुकी है। आतंकियों में मौत का खौफ है। सेना की मुस्तैदी के आगे इन दहशतगर्दों के नापाक इरादे दम तोड़ रहे हैं। आतंकियों के खात्मे के लिए सेना की ओर से इस साल जनवरी से लेकर अब तक 27 ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इसमें 64 आतंकी मारे गए और 25 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया।
आतंकवाद निरोधक मोर्चे पर सुरक्षाबलों के लिए नायकू का मारा जाना बड़ी कामयाबी है। वहीं पुलवामा जिले में बुधवार को बेगपोरा एनकाउंटर में मारे गए हिजबुल कमांडर रियाज नायकू के बाद आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन सैफुल्लाह को जम्मू-कश्मीर में आतंक की कमान सौंप सकता है। सैफुल्लाह बुरहान वानी गैंग का आतंकी है, वह डिप्टी कमांडर भी रहा है। हालांकि हिजबुल द्वारा उसे जम्मू-कश्मीर में कमान सौंपे जाने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
कश्मीर जोन के आईजी विजय कुमार ने गुरुवार को बताया कि मारे गए हिजबुल कमांडर रियाज नायकू के पीछे सुरक्षाबल पिछले छह महीने से लगे हुए थे। मंगलवार रात विशेष सूचना मिलने के बाद सातवें ठिकाने में उसे घेर कर ढेर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि नायकू का मारा जाना सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी है।
रियाज नायकू के भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए थे
आईजी ने बताया कि हिजबुल कमांडर सुरक्षाबलों को कई बार चकमा दे चुका था। इस वजह से इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए उसके भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए थे। दावा किया कि उसके मारे जाने से कश्मीरी युवाओं के आतंकवाद में शामिल होने की घटनाओं में कमी आएगी। वह हर एक-दो महीने में वीडियो या ऑडियो मैसेज वायरल कर युवाओं को उकसाता था। उन्होंने कहा कि ज्यादातर पुलिसकर्मियों की कोरोना से जंग में ड्यूटी है लेकिन आतंकवाद निरोधक अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि द रिजिस्टेंट फ्रंट (टीआरएफ) नामक नया आतंकी संगठन पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय दवाब से बचने के लिए बनाया गया छद्म संगठन है। वास्तव में इसमें लश्कर से जड़ुे आतंकी ही सक्रिय हैं।
मोबाइल-इंटरनेट पर पाबंदी हिंसा भड़कने से बचने के लिए
घाटी में मोबाइल-इंटरनेट सेवा ठप किए जाने का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि हिंसा भड़कने से बचने के लिए इस पर रोक जायज है। मोबाइल-इंटरनेट की बहाली से सुरक्षाबलों के खिलाफ लोगों को भड़काने के लिए फर्जी मेसेज और पुराने वीडियो प्रसारित किए जाते हैं।
हंदवाड़ा हमले में शामिल थे लश्कर के आतंकी
आईजी ने बताया कि लश्कर आतंकी हैदर के मारे जाने से लश्कर को भारी झटका लगा है। हंदवाड़ा में हुए हमले जिसमें सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए थे, इसमें शामिल आतंकियों की शिनाख्त कर ली गई है। ये सभी लश्कर से जुड़े हैं, जिनके लिए अभियान चलाया गया है।
डोडा में ओजीडब्ल्यू गिरफ्तार, पिस्टल व वायरलेस सेट बरामद
पुलिस ने डोडा जिले में एक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक पिस्टल और वायरलेस सेट बरामद किया गया है। इसकी पहचान सवांडा निवासी राकिब आलम के तौर पर हुई है। तीन दिन पहले सुरक्षाबलों ने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी तनवीर अहमद मलिक को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में तनवीर ने बताया था कि राकिब भी उसके साथ है, जो आतंकी हारून के लिए काम करता है।
इसके बाद पुलिस ने राकिब को दबोच लिया। पूछताछ में राकिब ने माना कि वह आतंकी हारून के लिए काम करता है। राकिब ने यह भी बताया कि उसने जंगल में एक पिस्टल और वायरलेस सेट छिपाकर रखा है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दोनों चीजें बरामद कर लीं। जम्मू जोन के आईजी मुकेश सिंह का कहना है कि इन दोनों के साथ कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।