आंख खुलते ही उड़े होश, छाया मौत का खौफ
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शुक्रवार की तबाही के बाद लोग तवी के शांत होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन इसके उलट आंख खुलते ही उफनती तवी को देख लोगों के होश उड़ गए।
तवी नदी में छह-छह फीट ऊपर उठती लहरों को देखकर एक दफा मौत को अपने करीब महसूस करने लगे थे। लोगों का यह डर तब और ज्यादा बढ़ गया, जब तवी किनारे मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया।
सबसे पहले शुक्रवार को बेली चराना में रहमत अली का अधूरा गिरा मकान शनिवार को तवी के ऊफान के साथ बह गया। देखते ही देखते कुछ दूर और तवी किनारे पर कच्चे-पक्के एक दर्जन मकान बह गए।
मकानों के गिरने का सिलसिला हो गया शुरू
खतरे को स्थानीय लोगों ने महसूस कर दिया था। कुछ जगह से पानी निकलने का डर उन्हें लगातार सताता रहा है। लोगों ने अपने बांधे हुए मवेशी खोले और उन्हें बाहर निकाला।
बारिश बंद होने का नाम नहीं ले रही थी, देर शाम होते ही भगवती नगर पुल के नजदीक का चार-पांच मकान और गिर गए। एक मकान को सुबह पानी की लहरें लगातार छू रही थीं, धीरे-धीरे पानी उस घर में दाखिल होने लगा।
फिर शाम होने से पहले ही उस मकान का लेंटर गिर गया। लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई।