पिता, भाई की शहादत के बाद छोटे भाई ने पहनी वर्दी
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घर के दो सदस्यों की शहादत के बाद भी दर्शन कौर के परिवार में देश के लिए मर-मिटने के जज्बे को सलाम है। देश के इसकी एक से बढ़कर एक मिसाल देखने को मिल जाएगी।
इसे देश के प्रति सच्ची ईमानदारी और बहादुरी ही कहा जाएगा कि जिस औरत ने अपने पति और बेटे को आतंकियों से लोहा लेते हुए शहादत का जाम पीते देखा, उसने अपने एक और बेटे को पुलिस में भर्ती होने के लिए बोल दिया। दर्शन कौर के पुलिस में भर्ती दूसरे बेटे की मानें तो यह देशभक्ति का जज्बा है, जो कभी खत्म नहीं होगा।
बुधवार को राष्ट्रीय पुलिस दिवस को लेकर आयोजित कार्यक्रम में भाई और पिता को श्रद्धांजलि देते हुए अमर उजाला से बात करते हुए इंस्पेक्टर ऋषि सिंह ने बताया कि वर्ष 1993 में उनके पिता इंस्पेक्टर उदय वीर सिंह को जम्मू के नानक नगर में आतंकियों ने ग्रेनेड ब्लास्ट से उड़ा दिया।
पिता के बाद बेटे ने भी पिया शहादत का जाम
इसके बाद उनके भाई शैली सिंह आतंकियों से लोहा लेने के लिए पुलिस में भर्ती हुए। 2007 में भद्रवाह में आतंकियों से मुठभेड़ में उनके भाई शैली सिंह की जान चली गई। वह आतंक से सख्त नफरत करते हैं।
बेशक इसकी वजह से उनके पिता और भाई की जान चली गई, लेकिन उन्हें इस बात का फख्र है, वह देश के लिए शहीद हुए। आतंकियों के ऐसे कई हमलों को वह सहन कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने भी 2007 में पुलिस का दामन थाम लिया। ऋषि सिंह का कहना है कि राज्य में आतंकवाद का जिम्मेदार पाकिस्तान है, जो छुप कर वार कर रहा है।
वह पुलिस में इस मकसद से काम करने आए हैं कि कोई और शहीद न हो। आतंक को जड़ से मिटाना होगा। बताते चलें कि शैली सिंह पुलिस में निडर अधिकारी के तौर पर जाने जाते थे।
उनकी कुशल कार्यशैली और बहादुरी की वजह से जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप में वह शामिल किए गए थे। अधिकारी उन्हें रोबिन हुड कहकर बुलाते थे। 31 मई को भद्रवाह में आतंकी हमले में वह शहीद हो गए। शैली सिंह की 27 जून को शादी होनी थी।