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Jammu: फर्जी कागजात से बेच डाली सेवानिवृत्त सीजेआई की जमीन, डॉक्टर की पत्नी से 1.80 करोड़ ठगे, दंपती गिरफ्तार
Wed, 13 Sep 2023 05:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 13 Sep 2023 05:57 AM IST
सार
क्राइम ब्रांच ने आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। दंपती ने जमानत के लिए जम्मू की अदालत में अर्जी दी थी जिसे प्रधान सत्र न्यायाधीश संजय परिहार ने खारिज कर दिया।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की जमीन को एक दंपती ने फर्जी कागजात से डॉक्टर की पत्नी को 1.80 करोड़ रुपये में बेच डाला। क्राइम ब्रांच ने आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। दंपती ने जमानत के लिए जम्मू की अदालत में अर्जी दी थी जिसे प्रधान सत्र न्यायाधीश संजय परिहार ने खारिज कर दिया। श्रीनगर में रह रहे मोहम्मद अफजल बेग ने पत्नी फातिमा कौसर के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा किया है। दोनों रामबन के गूल के पैतृक निवासी हैं।
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आरोपियों ने सिद्दड़ा स्थित सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की 2 कनाल जमीन 1.80 करोड़ रुपये लेकर डॉक्टर खामिद महमूद की पत्नी गुल-ए-सुरखाब का बेच डाली। इसके लिए फर्जी अनुबंध तैयार करके जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए गए। हकीकत में यह जमीन अब भी रिटायर सीजेआई के नाम पर है। सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका पर बहस के दाैरान यह मामला सामने आया।
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शिकायतकर्ता गुल-ए-सुरखाब की तरफ से एडवोकेट समीर पंडिता की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश संजय परिहार ने कहा कि आरोपी जमानत के हकदार नहीं हैं क्योंकि अगर ऐसा किया गया तो न केवल शेष राशि की वसूली की संभावना कम हो जाएगी, बल्कि इस बात की पूरी आशंका है कि आरोपी भाग सकते हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार याचिकाकर्ता मोहम्मद अफजल को जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ था। किसी तरह से चकमा देकर श्रीनगर चला गया। बाद में उसे श्रीनगर से दबोचा गया।
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ऐसे में अपराध की प्रकृति और गंभीरता तथा समाज पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए याचिकाकर्ता इस स्तर पर जमानत की रियायत का हकदार नहीं है। जहां तक आरोपी की पत्नी फहमीदा कौसर का सवाल है, उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी गई थी, लेकिन उनके खिलाफ उपलब्ध सामग्री को ध्यान में रखते हुए उन पर भी शिकायतकर्ता को धोखा देने के लिए अपने पति के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है। लिहाजा दोनों की जमानत याचिका खारिज की जा रही है।
डॉक्टर ने आरोपी से पहले भी जमीन ली थी, उसी विश्वास में यह सौदा कर लिया। बता दें कि शिकायतकर्ता गुल-ए-सुरखाब मूल रूप से गुज्जर नगर की रहने वाली हैं। उनके पति डॉ. खालिद महमूद ने सिद्धड़ा में रंजीत सिंह से जमीन लेकर घर बनाया था। यह जमीन डॉ. ने आरोपी मोहम्मद अफजल बेग के जरिये ही रंजीत से खरीदी थी। इस जमीन के साथ ही दो कनाल का प्लाॅट था। आरोपी अफजल ने डॉ. से कहा कि यह जमीन भी उसकी है।
जमीन घर के साथ थी तो डॉक्टर ने विश्वास में अफजल के साथ दो कनाल जमीन लेने के लिए 2.25 करोड़ का सौदा किया। इसे बेचने को लेकर 2018 में एक अनुबंध बनाया गया। इसके बदले 1.80 करोड़ रुपये लिए लेकिन जमीन का मालिकाना हक नहीं दिया। बाद में डॉ. खालिद की पत्नी ने क्राइम ब्रांच के पास शिकायत कर दी। जांच में पता चला कि आरोपी ने जो जमीन बेची है, वो हकीकत में सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की है।
5 साल तक देता रहा चकमा
आरोपी ने डॉक्टर की पत्नी को 5 चेक भी दिए थे। यह चेक 1.80 करोड़ रुपये वापस करने के थे, लेकिन यह कभी कैश ही नहीं हुए। 2022 में पैसे वापस करने के लिए आरोपी ने एक हलफनामा भी डॉक्टर की पत्नी को दिया। बावजूद इसके पैसा वापस नहीं दिया। वह पांच साल से पैसा देने को लेकर डॉक्टर की पत्नी को चकमा देता रहा।