J&K News: श्रीनगर में आतंकी मददगार मुश्ताक अहमद का घर कुर्क, 15 पिस्टल-हथियार हुए थे बरामद
एनआईए के अनुसार, 2022 में आरोपी के घर से 15 पिस्टल और अन्य हथियार बरामद किए गए थे। इनका इस्तेमाल आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था। जांच में पता चला कि यह मामला जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तान स्थित आतंकी मॉड्यूल द्वारा हथियारों और ड्रग्स को ड्रोन के जरिये गिराने से संबंधित एक बड़ी साजिश का हिस्सा था।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने श्रीनगर में हथियार बरामदगी के एक मामले में आतंकी मददगार मुश्ताक अहमद के मकान को कुर्क कर दिया है। आरोपी का मकान छानपोरा इलाके की खान कॉलोनी में स्थित है। शनिवार की सुबह एनआईए की टीम ने भारी सुरक्षा बलों की तैनाती में यह कार्रवाई की। एनआईए के अनुसार, 2022 में आरोपी के घर से 15 पिस्टल और अन्य हथियार बरामद किए गए थे। इनका इस्तेमाल आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
अधिकारियों के अनुसार, मई 2022 में आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के स्थानीय आतंकी गनई और उसके सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद उक्त मकान से आपत्तिजनक सामग्री समेत हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए थे। बाद में यह केस जांच के लिए एनआईए को सौंपा गया।
जांच में पता चला कि यह मामला जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तान स्थित आतंकी मॉड्यूल द्वारा हथियारों और ड्रग्स को ड्रोन के जरिये गिराने से संबंधित एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। इससे पहले ड्रोन ड्रॉपिंग के मुख्य सरगना फैसल मुनीर को एनआईए ने गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था, जिसमें उसे सज्जाद गुल उर्फ हमजा द्वारा सीमा पार से भेजे गए हथियारों की खेप प्राप्त करने में शामिल पाया गया था।
हथियार प्राप्त करने के बाद मुनीर उन्हें श्रीनगर में आतंकी गनई को पहुंचाता था, जो आतंक फैलाने के उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर में लक्षित हत्याओं को अंजाम देने के लिए उन्हें टीआरएफ व लश्कर के सक्रिय कैडरों और आतंकवादियों को वितरित करता था। युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाता था।
अधिकारियों ने कहा, आरोपी कश्मीर में युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए भी उकसाता था। हथियार और गोला-बारूद के अलावा एनआईए ने उसके मोबाइल से टेरर फंडिंग के बारे में चैट सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी।
बता दें कि एनआईए ने मई, 2022 में छानपोरा पुलिस थाने में दर्ज मामले पर जांच शुरू की थी और 18 जून, 2022 को एजेंसी के जम्मू शाखा कार्यालय में इसे फिर से पंजीकृत किया। अधिकारियों ने कहा कि आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। आने वाले दिनों में अन्य संपत्तियों को भी कुर्क किया जाएगा।