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जम्मू-कश्मीरः कांग्रेस में बजा बगावत का बिगुल, प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर को हटाने की मांग
Tue, 25 Aug 2020 09:32 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 25 Aug 2020 09:32 AM IST
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गुलाम अहमद मीर, जम्मू कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष
- फोटो : PTI
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जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कश्मीर इकाई के कुछ नेता बगावत पर उतरे हैं। उन्होंने मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर को अध्यक्ष पद से तुरंत हटाने की मांग रखी है। इसके लिए उन्होंने पार्टी हाईकमान को एक पत्र भेजा है।
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पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के पूर्व एमएलसी गुलाम नबी मोंगा की अगुवाई में नेताओं का एक वर्ग प्रदेश के मौजूदा पार्टी अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर के खिलाफ बगावत पर उतर आया है। वह मांग कर रहे हैं कि मीर को जल्द से जल्द पार्टी अध्यक्ष के पद से हटाया जाए।
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उन्होंने पार्टी हाईकमान को लिखे गए एक पत्र में न केवल मीर को असमर्थ बताया गया है बल्कि यह भी कहा गया है कि उनके दागी अतीत और घाटी के एक बहुचर्चित मामले में शामिल होने के कारण जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को रिझाने में भी असमर्थ हैं। इतना ही नहीं पत्र में यह भी लिखा गया है कि इस बात की जानकारी पहले भी अंबिका सोनी और गुलाम नबी आजाद को भी दी गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हुआ। पार्टी को छोड़कर कई लोग जा रहे हैं और अभी भी पार्टी को बचाने का वक्त है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में पूर्व मंत्री और कांग्रेस महासचिव खेम लता वखलू, उपाध्यक्ष जेकेपीसीसी जीएन मोंगा, मो. अनवर भट, बीडीसी अध्यक्ष आफताब बेग, मुश्ताक बजाज, जिलाध्यक्ष पुलवामा फयाज अहमद, इंजीनियर मारूफ, अब्दुल रहमान मागरे और राज्य सचिव इम्तियाज खान शामिल हैं।
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नेतृत्व में बदलाव का अनुरोध
इन नेताओं ने लिखा है कि उन्होंने 2015 में पार्टी आलाकमान के फैसले का सम्मान किया था, जब गुलाम अहमद मीर को अध्यक्ष बनाया गया था। इस तथ्य के बावजूद कि वह उक्त मामले में आठ महीने तक जेल में रहे। बता दें कि इन नेताओं ने कांग्रेस पार्टी के हित में नेतृत्व में बदलाव लाने के लिए अनुरोध किया है। इसको लेकर जब अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।