रियासी यात्री बस हमला केस: एनआईए ने रियासी और राजोरी में मारे छापे, सात स्थानों पर ली गई तलाशी
टीमें तड़के ही पहुंच गई थीं। एनआईए की एक टीम रियासी जिले के रनसू पौनी मार्ग पर स्थित कंडा इलाके में घटना स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित एक समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल और एक घर में पहुंची।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) रियासी यात्री बस हमले की जांच में जुटी है। एजेंसी ने शुक्रवार को राजोरी और रियासी जिले में सात स्थानों पर छापे मारे। जिन स्थानों की तलाशी ली जा रही है वे हाइब्रिड आतंकवादियों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि टीमें तड़के ही पहुंच गई थीं। एनआईए की एक टीम रियासी जिले के रनसू पौनी मार्ग पर स्थित कंडा इलाके में घटना स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित एक समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल और एक घर में पहुंची। यहां एजेंसी ने कुछ लोगों से पूछताछ की है। एनआईए की टीम ने कंडा के अलावा संगड और त्रियाड के इलाकों में भी कुछ स्थानों पर दबिश दी।
गृह मंत्रालय के आदेश पर एनआईए ने 15 जून को आतंकी हमले के मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। एजेंसी ने 30 जून को भी राजोरी में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। जांच के दौरान आतंकियों के मददगार (ओजीडब्ल्यू) हाकम खान उर्फ हाकिन दीन को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया था कि हमले से पहले हाकम की ओर से आतंकियों की रेकी में मदद की गई थी। इसके बाद हाकम से पूछताछ के आधार पर उसके बताए गए स्थानों पर तलाशी ली गई थी। एनआईए की जांच के अनुसार हाकम ने आतंकियों को सुरक्षित आश्रय, रसद और भोजन उपलब्ध कराया था। जांच के दौरान आतंकवादियों और ओजीडब्ल्यू के बीच संबंधों को दर्शाने वाली विभिन्न वस्तुएं जब्त की गईं थीं।
गोलीबारी से खाई में गिर गई थी बस
आतंकियों ने 9 जून को शिवखोड़ी मंदिर से कटड़ा जा रही एक बस पर हमला किया था। हमला रियासी के पौनी इलाके में हुआ था। गोलीबारी से चालक नियंत्रण खो बैठा और बस खाई में गिर गई थी। इससे एक बच्चे सहित नौ श्रद्धालुओं की मौत और 41 घायल हो गए थे। उस समय जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया था कि हमले में कम से कम दो आतंकवादी शामिल थे।