ये वानर सेना करेगी राक्षसों का सफाया
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बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व की वीरवार को सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। शुक्रवार को परेड ग्राउंड सहित अन्य मैदानों पर कुंभकरण, मेघनाथ और रावण के पुतलों को दहन करके परंपरा को निभाया जाएगा।
इन पुतलों को जलाने के साथ ही आतिशबाजी का सुंदर नजारा देखते ही बनेगा। इस दौरान शोभा यात्राओं में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना लंका पर हमला बोलकर सीता माता से मिलेंगे।
इससे पहले वानर सेना राक्षसों का सफाया करके प्रभु श्रीराम के जयघोष लगाएगी। इस बार बाढ़ त्रासदी के कारण घाटी और लेह में पुतले नहीं भेजे गए हैं। परेड ग्राउंड में वीरवार को पुतलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
संभाग में परेड ग्राउंड में सबसे विशाल पुतले स्थापित
दशहरा के लिए रियासत भर के पुतलों का निर्माण गीता भवन जम्मू में किया गया। महीनों की मेहनत से दर्जनों छोटे-बड़े मेघनाद, कुंभकरण और रावण के पुतलों का निर्माण किया गया है। इन पुतलों का निर्माण करने में एक बड़ी भागीदारी मुस्लिम कारीगरों की रहती है।
दहन प्रक्रिया से पूर्व पुराने शहर के दीवान मंदिर से शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान अपनी वानर सेना के साथ माता सीता को लंका से छुड़ाने के लिए निकलेंगे। शोभा यात्रा विभिन्न रूटों से होती हुई रघुनाथ मंदिर के रथ के साथ परेड ग्राउंड पहुंचेगी।
जहां मैदान के भीतर की तीन प्रक्रिया लेकर मेघनाद, कुंभकरण और रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। परेड के अलावा शहर के अन्य मैदानों पर भी इस परंपरा को निभाया जाएगा। सभी जगहों पर इन पुतलों को दहन करने से पहले विशेष आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
इसमें जमीन और हवा में होने वाली आतिशबाजी से लोगों का मनोरंजन किया जाएगा। दशहरा पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दशहरा के दौरान परेड के बाहर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।