{"_id":"5acef3244f1c1bd73d8b4a5a","slug":"rasana-rape-and-murder-case-crime-branch-files-charge-sheet-in-court","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कठुआ कांड: हत्या के एक हफ्ते पहले रची थी साजिश, नाबालिग के साथ कई दिन हुआ रेप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठुआ कांड: हत्या के एक हफ्ते पहले रची थी साजिश, नाबालिग के साथ कई दिन हुआ रेप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:58 PM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : ani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कठुआ के रसाना में आठ साल की मासूम बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया गया था। हत्यारों ने उसका कत्ल करने से पहले फिर से रेप किया गया।
एक हफ्ते तक बच्ची को नशीली दवाएं खिलाकर बेहोश रखा और उसके साथ रेप करते रहे। हत्या और रेप की वजह सिर्फ जमीन के विवाद थी। पूरे मामले का मास्टर माइंड सांझीराम था। उसने ही अपने नाबालिग भतीजे और अन्य युवकों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी सांझीराम ने इस मामले को दबाने के लिए पुलिस को रिश्वत भी दी। कोर्ट में दायर पंद्रह पन्नों की चार्जशीट के मुताबिक, 12 जनवरी को कठुआ के रसाना गांव के रहने वाले बक्करवाल समुदाय के एक व्यक्ति ने हीरानगर पुलिस स्टेशन के पास शिकायत दर्ज कराई।
विज्ञापन
रिपोर्ट में बताया कि उसकी आठ साल की बेटी 10 जनवरी को जंगल में घोड़े चराने के लिए गई थी। उस दिन शाम को घोड़े वापस आ गए, लेकिन बेटी वापस नहीं आई। इसके बाद पिता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर जंगल में तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
विज्ञापन
एक हफ्ते तक बच्ची को नशीली दवाएं खिलाकर बेहोश रखा और उसके साथ रेप करते रहे। हत्या और रेप की वजह सिर्फ जमीन के विवाद थी। पूरे मामले का मास्टर माइंड सांझीराम था। उसने ही अपने नाबालिग भतीजे और अन्य युवकों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
विज्ञापन
जांच में सामने आया है कि आरोपी सांझीराम ने इस मामले को दबाने के लिए पुलिस को रिश्वत भी दी। कोर्ट में दायर पंद्रह पन्नों की चार्जशीट के मुताबिक, 12 जनवरी को कठुआ के रसाना गांव के रहने वाले बक्करवाल समुदाय के एक व्यक्ति ने हीरानगर पुलिस स्टेशन के पास शिकायत दर्ज कराई।
विज्ञापन
रिपोर्ट में बताया कि उसकी आठ साल की बेटी 10 जनवरी को जंगल में घोड़े चराने के लिए गई थी। उस दिन शाम को घोड़े वापस आ गए, लेकिन बेटी वापस नहीं आई। इसके बाद पिता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर जंगल में तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
प्रदर्शन करते लोग
उसे शक था कि कुछ शरारती तत्व उसकी बेटी का अपहरण कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद जांच अधिकारी ने वीडीसी सदस्यों की मदद से तलाश शुरू कर दी। 17 जनवरी को पुलिस को बच्ची का शव मिला।
पुलिस ने रसाना के रहने वाले नाबालिग और उसके चाचा सांझीराम को पकड़ा। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी था और स्कूल में लड़कियों को तंग करता था। इसलिए उसे स्कूल से बाहर कर दिया गया। उसके परिवार ने उसकी हरकतों को देखते हुए उसके चचा के घर भेज दिया।
वह 10 तारीख को जंगल में घोड़े चराने गया था। यहां उसने बच्ची का अपहरण कर लिया। इसके बाद आरोपी नाबालिग को नशीली दवाएं देते रहे। बच्ची को कई दिन तक भूखा प्यासा रखा गया। जब भी उसे होश आने लगता तो आरोपी उसे फिर से बेहोशी की दवा दे देते। आरोपियों ने उसे कई दिन तक हवस का शिकार बनाया।
11 जनवरी को भी आरोपी नाबालिग ने यूपी के मेरठ पढ़ रहे अपने चचेरे भाई विशाल जंगोत्रा को फोन किया और उसे अपने पास बुला लिया। 12 जनवरी को विशाल रसाना पहुंचा। यहां उसे नाबालिग ने पूरी कहानी बताई। इसके बाद दोनों ने बच्ची से रेप किया।
पुलिस ने रसाना के रहने वाले नाबालिग और उसके चाचा सांझीराम को पकड़ा। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी था और स्कूल में लड़कियों को तंग करता था। इसलिए उसे स्कूल से बाहर कर दिया गया। उसके परिवार ने उसकी हरकतों को देखते हुए उसके चचा के घर भेज दिया।
वह 10 तारीख को जंगल में घोड़े चराने गया था। यहां उसने बच्ची का अपहरण कर लिया। इसके बाद आरोपी नाबालिग को नशीली दवाएं देते रहे। बच्ची को कई दिन तक भूखा प्यासा रखा गया। जब भी उसे होश आने लगता तो आरोपी उसे फिर से बेहोशी की दवा दे देते। आरोपियों ने उसे कई दिन तक हवस का शिकार बनाया।
11 जनवरी को भी आरोपी नाबालिग ने यूपी के मेरठ पढ़ रहे अपने चचेरे भाई विशाल जंगोत्रा को फोन किया और उसे अपने पास बुला लिया। 12 जनवरी को विशाल रसाना पहुंचा। यहां उसे नाबालिग ने पूरी कहानी बताई। इसके बाद दोनों ने बच्ची से रेप किया।
उसी दिन शाम को नाबालिग ने बच्ची के सिर पर पत्थर मारकर उसे मार दिया। हालांकि, इससे पहले भी रेप किया। इसके बाद उसका शव जंगल में फेंक दिया। पहले शव को नहर में फेंकने का प्लान था, लेकिन वाहन न मिलने से उसे जंगल में फेंक दिया।
लगातार भूख प्यास और लगातार बेहोशी की दवाई से बच्ची के शरीर के कई अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था। क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में इस बात का जिक्र किया गया है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से एफएसएल की रिपोर्ट में बच्ची के कपड़ों से मिले खून के धब्बों को आरोपी की डीएनए प्रोफाइल से मिलाया। जो आपस में मेल खा गए।
साथ में ही जिस जगह से बच्ची का शव मिला। वहां से मिले बाल और देवस्थान यहां बच्ची को रखा गया था। वहां से मिले बाल के डीएनए सैंपल भी आपस में मिले हैं।
लगातार भूख प्यास और लगातार बेहोशी की दवाई से बच्ची के शरीर के कई अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था। क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में इस बात का जिक्र किया गया है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से एफएसएल की रिपोर्ट में बच्ची के कपड़ों से मिले खून के धब्बों को आरोपी की डीएनए प्रोफाइल से मिलाया। जो आपस में मेल खा गए।
साथ में ही जिस जगह से बच्ची का शव मिला। वहां से मिले बाल और देवस्थान यहां बच्ची को रखा गया था। वहां से मिले बाल के डीएनए सैंपल भी आपस में मिले हैं।