कठुआ कांड: बकरवाल समुदाय से बदला लेने के लिए सांझीराम ने रची थी हत्या की साजिश, सीबीआई जांच की मांग
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क्राइम ब्रांच की चार्जशीट पर यकीन करें तो कठुआ के रसाना में आठ साल की मासूम बच्ची के साथ कई बार रेप हुआ। हत्यारों ने उसे कत्ल करने से पहले फिर से रेप किया गया। एक हफ्ते तक बच्ची को बेहोशी की हालत में रखकर रेप किया गया।
इस केस के मास्टर माइंड सांझीराम ने अपने नाबालिग भतीजे व अन्य लड़कों का इस्तेमाल किया। जमीन के विवाद में बक्करवाल समुदाय से बदला लेने के लिए उसने ये साजिश रची थी। मामला रफा दफा करने के लिए सांझीराम ने स्थानीय पुलिस को घूस भी दी। यह खुलासा क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में हुआ है।
जानकारी के अनुसार 12 जनवरी को कठुआ के रसाना गांव के रहने वाले बक्करवाल समुदाय के एक व्यक्ति ने हीरानगर पुलिस स्टेशन के पास शिकायत दर्ज कराई। बताया कि उसकी आठ साल की बेटी 10 जनवरी को जंगल में घोड़े चराने के लिए गई थी। उस दिन शाम को घोड़े वापस आ गए, लेकिन बेटी वापस नहीं आई।
इसके बाद पिता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर जंगल में तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उसे शक था कि कुछ शरारती तत्व उसकी बेटी का अपहरण कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद जांच अधिकारी ने वीडीसी सदस्यों की मदद से तलाश शुरू कर दी।
17 जनवरी को पुलिस को बच्ची का शव मिला। जांच में शामिल जगदीश निवासी दुगान वानी को बच्ची दिखी। पुलिस ने रसाना के रहने वाले नाबालिग और उसके चाचा सांझी राम को पकड़ा। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी था और स्कूल में लड़कियों को तंग करता था।
सांझी राम ने 4 जनवरी को नाबालिग से कहा कि बक्करवाल समुदाय से बदला लेना है। 7 जनवरी को सांझी राम ने शुभम से कहा कि बच्ची का अपहरण कर ले। बच्ची हर रोज अपने घर के पीछे जंगल में घोड़े चराने जाती थी। सांझी राम ने यह साजिश एसपीओ दीपक खजुरिया के साथ मिलकर रची। दीपक अपने दोस्त विक्रम के साथ कोठा मोढ़ गया और वहां से बेहोशी की 10 टेबलेट खरीदीं।
8 जनवरी को दीपक ने नाबालिग से कहा कि वह उसे आठवीं कक्षा में पास करा देगा, लेकिन उसे बच्ची का अपहरण करना होगा। नाबालिग ने यह प्लान अपने अंकल सांझी से साझा किया। अपने दोस्त प्रवेश को भी बताया। वह दोनों 9 जनवरी को हीरानगर गए और वहां से चार मनार (एक तरह से नशीली दवाई) लाए।
एक मनार नाबालिग ने खाया और तीन अपने पास रख लिए। 10 जनवरी को नाबालिग जब अपने अंकल की छत पर खड़ा था। तब उसने बच्ची की आवाज सुनी जो वीना देवी नाम की लड़की से अपने गुम हुए घोड़ों के बारे पूछ रही थी। तभी नाबालिग छत से उतरा और अपने साथ मनार ले लिए।
नाबालिग ने अपने दोस्त प्रवेश को भी बुला लिया। इतने में नाबालिग बच्ची को लेकर जंगल में चला गया और कहा कि वह उसके घोड़ों को ढूंढने में मदद करेगा। तभी प्रवेश भी पहुंच गया और दोनों ने बच्ची का अपहरण कर लिया। यहां उसे जबरदस्ती मनार खिलाई। इसके बाद नाबालिग ने बच्ची से रेप किया।
प्रवेश ने भी ऐसा करने की कोशिश की, लेकिन वह कर नहीं पाया। बाद में वह उसे लेकर देवस्थान पर चले गए, जिसकी देखरेख सांजी राम करता था। 11 जनवरी को बच्ची के मां बाप देवस्थान पहुंचे और सांझी राम से पूछा कि उसकी बच्ची देखी कहीं। तो सांजी राम ने कहा कि हो सकता है कि किसी रिश्तेदार के घर चली गई हो।
11 जनवरी को नाबालिग ने मेरठ रहने वाले अपने चचेरे भाई विशाल जंगोत्रा को फोन किया और कहा कि यदि वह अपनी भूख मिटाना चाहता है तो आ जाए। 12 जनवरी को विशाल रसाना पहुंचा। यहां उसे नाबालिग ने पूरी कहानी बताई। दोनों ने बच्ची से रेप किया। उसी दिन शाम को नाबालिग ने बच्ची के सिर पर पत्थर मारकर उसे मार दिया।
हालांकि, इससे पहले भी रेप किया। इसके बाद उसका शव जंगल में फेंक दिया। पहले शव को नहर में फेंकने का प्लान था, लेकिन वाहन न मिलने से उसे जंगल में फेंक दिया।
सांझी राम ने इस मामले को दबाने के लिए पुलिस को चार लाख की रिश्वत देने की डील भी की। इसकी मदद से पुलिस ने इस हमले में शामिल सबूतों को मिटाया।
लेकिन बाद में जब क्राइम ब्रांच के पास इसकी जांच पहुंची तो सारी कहानी सामने आई। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में नाबालिग समेत सांझी राम, दीपक खजुरिया, प्रवेश कुमार, विशाल जंगोत्रा, हेड कांस्टेबल तिलक राज, सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता और सुरिंदर कुमार को आरोपी मानते हुए इसकी चार्जशीट पेश कर दी है।
रसाना मामले की सीबीआई जांच के लिए खोला मोर्चा
रसाना कांड की सीबीआई जांच व अन्य तमाम मु्ददों को लेकर के बार एसोसिएशन जम्मू ने बुधवार को बंद रखा। इस दौरान लोगों ने भाजपा के मंत्रियों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार के हिस्सेदार भाजपा नेताओं ने लोगों के साथ विश्वासघात किया है।
केवल हीरानगर में ही नहीं, बल्कि पूरे जम्मू का यूथ सड़कों पर है। उनमें इनके प्रति बेहद गुस्सा है। रसाना में जो बच्ची के साथ हुआ वह बेहद दुखद है और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अब लोगों को अगर क्राइम ब्रांच की जांच पर भरोसा नही है और वे सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, तो इसमें गुनाह क्या है।
लोग सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, न कि किसी दोषी को छोड़ने की। ऐसे में सरकार को उनकी मांग माननी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कश्मीर केंद्रित पार्टी पीडीपी के आगे पूरी तरह से घुटने टेक दिए हैं।
जिस पार्टी को जिला कठुआ इतना बड़ा बहुमत मिला है कभी किसी पार्टी को नहीं मिला। सरकार में दो मंत्री एक केन्द्रीय राज्य मंत्री है, उसके बावजूद लोगों को अपने हक के लिए सडकों पर उतरना पड़े, तो यह बेहद अफसोसजनक है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
हीरानगर। हिंदू एकता मंच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक लोगों की मांग नहीं मानी जाती, तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे। मंच के प्रधान विजय शर्मा ने छप्पड़ मोड़ में कहा कि लोगों की मांग जायज है इसलिए मंच इनका पूरा सहयोग करेगा।
सीबीआई जांच की मांग को लेकर पिछले कई महीनों से लोग आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार पर इसका कोई असर नहीं हो रहा। लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से धरने प्रदर्शन किए तो उन्हें लाठियां खानी पड़ीं। लोगों की कोई दूसरी मांग नहीं है।
क्राइम ब्रांच द्वारा की गई जांच में बहुत सी खामियां हैं, इसलिए लोग सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। जांच अगर सीबीआई को सौंप दी जाती है, तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। सरकार इसमें देरी करके क्षेत्र का माहौल खराब करना चाहती है। केवल क्षेत्र का ही नहीं, बल्कि पूरे जम्मू सूबे को निशाना बनाया जा रहा है।