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रसाना कांड: पुलिस ने 40 वकीलों के खिलाफ की FIR, विरोध में बार एसोसिएशन ने किया प्रदर्शन

Wed, 11 Apr 2018 03:39 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 11 Apr 2018 03:39 AM IST
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Rasana case- Police filed FIR against 40 lawyers, bar association protest in kathua, jammu kashmir

क्राइम ब्रांच को रसाना मामले के आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर करने से रोकने का आरोप लगाते हुए कठुआ पुलिस ने 40 वकीलों के खिलाफ ओपन एफआईआर दर्ज की है। आरपीसी की धारा 353, 341, 147 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ बार एसोसिएशन ने इसे झूठा आरोप बताते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि एफआईआर के मजमून के अनुसार 30 से 40 वकीलों के खिलाफ ओपन एफआईआर लगाई गई है। इसमें लिखा है कि वकीलों ने क्राइम ब्रांच का रास्ता रोककर चालान पेश करने से रोका, जिससे बाद में मुश्किल से अदालत में चालान पेश हो सका। जब पुलिस ही यह मान रही है कि चालान पेश कर दिया गया है तो रोकने वाला किस्सा ही खत्म हो जाता है। विरोध जताना मौलिक अधिकार है। वकीलों ने शांतिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन किया। धक्का-मुक्की, गाली-गलौज नहीं की और न ही किसी को दंगे करने के लिए उकसाया है। उन्होंने सवाल उठाए कि आखिर पुलिस किसकी इजाजत से डंडे हाथ में लेकर कोर्ट परिसर में दाखिल हुई।
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उन्होंने कहा कि चालान क्राइम ब्रांच ने पेश किया। यदि कुछ गलत हुआ होता तो क्राइम ब्रांच शिकायतकर्ता होती, जबकि उपलब्ध एफआईआर के अनुसार पुलिस स्टेशन कठुआ को ही शिकायतकर्ता बनाया गया है। यदि लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी तो भी लड़ी जाएगी। कानून में इस मामले को सीबीआई को दिए जाने को लेकर और भी कई प्रावधान हैं जिनका प्रयोग किया जाएगा और न्यायालय में आगे अर्जी दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस न जाने किसके ट्वीट के दबाव में वकीलों पर पर्चा दर्ज कर रही है।
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कश्मीर संभाग के कुछ लोग दबाव बनाने का काम कर रहे हैं। कुछ प्रायोजित मीडिया हाउस ऐसा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि कठुआ में वकील एक ही तरफ की बात कर रहे हैं। बार एसोसिएशन ने हिंदू-मुस्लिम के लिए कोई स्टेटमेंट नहीं दी। कश्मीर संभाग से सोशल मीडिया पर उल्टी सीधी बातें उड़ाई जा रही हैं जो सच से परे हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर की बार एसोसिएशन निंदा करती है। अगर एफआईआर वापस नहीं ली गई तो आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

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