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फारूक पर पीएसए बढ़ाना मतलब राजनीतिक विचारधारा पर पीएसए लगाना: देवेंद्र सिंह राणा
Sun, 15 Dec 2019 07:03 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 15 Dec 2019 07:03 PM IST
सार
- डॉ. फारूक पर पीएसए के तहत गिरफ्तारी बढ़ाने पर नेकां ने उठाए सवाल
- प्रधानमंत्री मोदी से जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ बातचीत शुरू करने का आग्रह किया
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देवेंद्र सिंह राणा, डॉ. फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
नेशनल कांफ्रेंस के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने सांसद व पार्टी के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत गिरफ्तारी तीन महीने और बढ़ाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि फारूक पर पीएसए बढ़ाने का मतलब मुख्यधारा की राजनीतिक विचारधारा पर पीएसए बढ़ाना है।
नेकां के संभागीय मुख्यालय जम्मू में रविवार को पत्रकार वार्ता में राणा ने कहा मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की नजरबंदी को जारी रखना चिंता का विषय है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ बातचीत शुरू करें और लोगों के दिल जीतें।
राणा ने कहा कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और राष्ट्र के निर्माण में उनकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र में भारतीय शिष्टमंडल के नेता के तौर पर कहा था कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला सच्चे राष्ट्र भक्त हैं।
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नेकां के संभागीय मुख्यालय जम्मू में रविवार को पत्रकार वार्ता में राणा ने कहा मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की नजरबंदी को जारी रखना चिंता का विषय है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ बातचीत शुरू करें और लोगों के दिल जीतें।
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राणा ने कहा कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और राष्ट्र के निर्माण में उनकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र में भारतीय शिष्टमंडल के नेता के तौर पर कहा था कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला सच्चे राष्ट्र भक्त हैं।
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उन्होंने कहा एक तरफ एलजी गिरीश चंद्र मुर्मू कह रहे हैं कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर में चुनाव करवाए जाएंगे। वहीं राजनीतिक नेताओं की नजरबंदी जारी रखने और इंटरनेट पर बैन को भी जारी रखने पर सवाल उठते हैं।
अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने संबंधी सवाल पर राणा ने कहा नेकां इस मामले को पार्टी की कार्यकारी कमेटी में चर्चा कर आगे के फैसले लेगी। इस अवसर पर पार्टी नेताओं में सुरजीत सिंह सलाथिया, अजय कुमार सडोत्रा, सईद मुश्ताक अहमद शाह बुखारी, अब्दुल गनी मलिक, रतन लाल गुप्ता, ठाकुर रछपाल सिंह, बाबू राम पाल आदि मौजूद रहे।
अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने संबंधी सवाल पर राणा ने कहा नेकां इस मामले को पार्टी की कार्यकारी कमेटी में चर्चा कर आगे के फैसले लेगी। इस अवसर पर पार्टी नेताओं में सुरजीत सिंह सलाथिया, अजय कुमार सडोत्रा, सईद मुश्ताक अहमद शाह बुखारी, अब्दुल गनी मलिक, रतन लाल गुप्ता, ठाकुर रछपाल सिंह, बाबू राम पाल आदि मौजूद रहे।