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बिन बरसे ही लौटे बादल, नहीं मिली लोगों को राहत
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अरनिया। हर रोज की तरह आज भी लोगों का सुबह आठ बजे से ही पसीने से तर बतर होने का सिलसिला जारी रहा। शाम करीब चार बजे अचानक काले बादलों ने आसमान को अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया, जिससे लगा कि आज इंद्र देव लोगों पर अपनी कृपा दृष्टि जरूर करेंगे। मगर आधा घंटा बाद ही आसमान पर छाए काले बादलों ने बिना बरसे ही लौटना शुरू कर दिया, जिससे राहत की उम्मीद लगाए लोग और किसानों के हाथ मात्र निराशा ही लगी।
रमन कुमार, बब्ली चाढ़क, घनीश्याम, बैसाखी राम, शमशेर आदि का कहना है कि आसमान पर छाए घने बादलों से आज राहत की काफी हद तक उम्मीद बंध चुकी थी मगर आज भी बिन बरसे ही बादल वापस हो गए। यहां तक कि लौटने के बाद फिर से उमस ने पसीने छुड़ाना शुरू कर दिया। ब्यूरो
बारिश न होने से किसानों में मायूसी
रामगढ़। सीमावर्ती रामगढ़ क्षेत्र में बारिश न होने से किसानों में मायूसी छाई हुई है। किसानों के अनुसार बारिश न होने से क्षेत्र में पानी का लेवल नीचे चला गया है, जिससे हमारे मोटर पंप नहीं चल रहे हैं। हमारे क्षेत्र में नहरों में पानी भी नहीं हैं, जिससे हमें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों कहा कि हम राज्यपाल से मांग करते हैं कि हमारी नहरों की देख रेख करें। हमें नहरों का पानी मिल सके, ताकि धान की फसल को पानी दिया जा सके। ब्यूरो
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रमन कुमार, बब्ली चाढ़क, घनीश्याम, बैसाखी राम, शमशेर आदि का कहना है कि आसमान पर छाए घने बादलों से आज राहत की काफी हद तक उम्मीद बंध चुकी थी मगर आज भी बिन बरसे ही बादल वापस हो गए। यहां तक कि लौटने के बाद फिर से उमस ने पसीने छुड़ाना शुरू कर दिया। ब्यूरो
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बारिश न होने से किसानों में मायूसी
रामगढ़। सीमावर्ती रामगढ़ क्षेत्र में बारिश न होने से किसानों में मायूसी छाई हुई है। किसानों के अनुसार बारिश न होने से क्षेत्र में पानी का लेवल नीचे चला गया है, जिससे हमारे मोटर पंप नहीं चल रहे हैं। हमारे क्षेत्र में नहरों में पानी भी नहीं हैं, जिससे हमें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों कहा कि हम राज्यपाल से मांग करते हैं कि हमारी नहरों की देख रेख करें। हमें नहरों का पानी मिल सके, ताकि धान की फसल को पानी दिया जा सके। ब्यूरो
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