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कभी बिक्रम चौक से पाकिस्तान तक चलती थी ट्रेन

Mon, 11 Aug 2014 12:01 PM IST
Updated Mon, 11 Aug 2014 12:01 PM IST
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railway track near bikram chowk dispersed

आपको जानकार हैरानी होगी कि कभी जम्मू शहर के बीचों बीच ऐतिहासिक रेल ट्रैक हुआ करता था जो जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान के सियालकोट के साथ जोड़ा करता था।

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यह ऐतिहासिक रेल ट्रैक बिक्रम चौक में हुआ करता था जहां पर आज राज्य परिवहन निगम की वर्कशाप चल रही है साथ ही कला केंद्र भी मौजूद है।

वर्कशाप और कला केंद्र के स्थापित किये जाने के बाद से ऐतिहासिक रेल ट्रैक का अस्तित्व खो सा गया है।

केवल दो स्टॉपेज में पहुंचे थे पाकिस्तान

railway track near bikram chowk dispersed

आर एस पुरा के सतराइयां गांव के रहने वाले डा. जरनैल सिंह ने बताया कि देश विभाजन से पहले बिक्रम चौक में स्थित पुराने रेल ट्रैक से सियालकोट के लिए ट्रेन चला करती थी जो व्यापार के साथ आवाजाही के तौर पर इस्तेमाल हुआ करती थी।

उन्होंने बताया कि बिक्रम चौक पर पुराने रेल ट्रैक से लेकर सियालकोट तक जाने के दौरान बीच में दो स्टेशन पड़ते थे जिनमें से एक आरएस पुरा (रनबीर सिंह पुरा) और दूसरा सुचेतगढ़ हुआ करता था।

जहां से चलने वाली ट्रेन से आरएस पुरा के आस-पास स्थित गांवों से गन्नों को सियालकोट स्थित चीनी की मिल तक पहुंचाया जाता था।

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'मौसी के घर जाया करती थी'

railway track near bikram chowk dispersed

वहीं सतराईंया गांव की रहने वाली बुजुर्ग दुर्गी देवी ने बताया कि उन्हें याद है वह अपने माता-पिता के साथ वह आरएस पुरा से ट्रेन पर बैठकर सियालकोट में अपनी मौसी के घर जाया करती थी।

उन्होंने बताया कि देश के विभाजन के दौरान जहां पर कुछ ट्रेनें चली थी लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया।

देश विभाजन से पहले के मौजूद रेल ट्रैक के खो रहे अस्तित्व को बचाने के लिए कवायद की जानी चाहिए थी लेकिन कुछ भी नहीं किया।

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इतिहास से रूबरू करवाता है ये ट्रैक

railway track near bikram chowk dispersed

दुर्गी देवी ने कहा यही तो यादगार चीजें हैं जो आने वाली पीढ़ी को इतिहास से रूबरू करवाती है।

ऐसे में पुरातत्व विभाग और राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती थी कि देश के पुरातत्व और ऐतिहासिक स्थल का संरक्षण कर उसे पर्यटन स्थल के तौर पर स्थापित करे लेकिन यह रेल ट्रैक पुरातत्व विभाग और राज्य सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहा है।

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