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Jammu News: संगलदान-रियासी ट्रैक पर सफतापूर्वक दौड़ा इंजन, 30 तक पहली ट्रेन चलने की उम्मीद
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- सीआरएस डीसी देशवाल का 27-28 जून को दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित, हरी झंडी मिलते ही चलेगी ट्रेन
- इंजीनियरिंग चमत्कारों से भरी है उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल परियोजना, विश्व का सबसे ऊंचा पुल इसी लाइन पर
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
जम्मू/रियासी। कश्मीर घाटी तक रेल पहुंचने का ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा होने के करीब है। रविवार को संगलदान-रियासी ट्रैक के परीक्षण के लिए इंजन चलाया गया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। जम्मू संभाग के रियासी जिले के सावलाकोट से चलकर दोपहर तीन बजे इंजन रियासी रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। इंजन आने की सूचना पर लोग स्टेशन पर पहुंच गए। जैसे ही इंजन बक्कल सुरंग पार कर सीटी बजाता हुआ रियासी पहुंचा तो स्टेशन भारत माता की जय से गूंज उठा।
इस ट्रैक पर विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल भी बना है। इस पुल से ट्रेन में बैठकर गुजरने का सपना रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की हरी झंडी मिलने के बाद पूरा होगा। सीआरएस डीसी देशवाल का 46 किलोमीटर लंबे संगलदान-रियासी ट्रैक के निरीक्षण के लिए 27-28 जून को दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संगलदान से रियासी के बीच पहली ट्रेन को हरी झंडी 30 जून को दिखाए जाने की संभावना है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) के इस महत्वपूर्ण खंड पर रेल चलना सीआरएस के निरीक्षण पर निर्भर करता है। सीआरएस के निर्धारित निरीक्षण से पहले संगलदान से रियासी तक का काम पूरा हो जाएगा। 272 किमी यूएसबीआरएल परियोजना में से 209 किमी को दो चरणों में शुरू किया गया था। 118 किमी काजीगुंड-बारामुला खंड का पहला चरण अक्तूबर 2009 में शुरू हुआ। इसके बाद जून 2013 में 18 किमी बनिहाल-काजीगुंड, जुलाई 2014 में 25 किमी उधमपुर-कटरा ट्रैक पर काम शुरू हुआ। फरवरी 2024 में 48.1 किमी लंबा बनिहाल-संगलदान खंड पूरा हुआ। रियासी और कटरा के बीच 17 किलोमीटर ट्रैक पर काम लंबित है। इसके साल के अंत तक पूरा होने की संभावना है।
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साल अंत तक पूरी होगी यूएसबीआरएल परिजोजना : डॉ. जितेंद्र
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा कि चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के माध्यम से रामबन (संगलदान) से रियासी तक ट्रेन सेवा जल्द ही शुरू होगी। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना इस साल के अंत तक पूरी हो जाएगी।
ट्रेन चिनाब पुल को पार करेगी, तो यह देश के लिए गर्व का क्षण होगा : उपायुक्त
रियासी के उपायुक्त विशेष पॉल महाजन ने कहा कि जिले के लोग ट्रेन के सायरन और ट्रेक पर उसकी आवाज सुनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। महाजन ने कहा कि जब ट्रेन चिनाब पुल को पार करेगी, तो यह देश के लिए गर्व का क्षण होगा। हमारे इंजीनियरों ने दुनिया को सबसे ऊंचा रेलवे पुल उपहार में दिया है। यह पूरी रेलवे परियोजना इंजीनियरिंग चमत्कारों से भरी है क्योंकि कटरा और बनिहाल के बीच 111 किलोमीटर का अधिकांश हिस्सा सुरंगों और पुलों से होकर गुजरता है। हमारे पास भारत का पहला केबल रेल पुल (अंजी खड्ड) भी है। रेलवे अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के करीब पहुंच गया है।
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- इंजीनियरिंग चमत्कारों से भरी है उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल परियोजना, विश्व का सबसे ऊंचा पुल इसी लाइन पर
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
जम्मू/रियासी। कश्मीर घाटी तक रेल पहुंचने का ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा होने के करीब है। रविवार को संगलदान-रियासी ट्रैक के परीक्षण के लिए इंजन चलाया गया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। जम्मू संभाग के रियासी जिले के सावलाकोट से चलकर दोपहर तीन बजे इंजन रियासी रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। इंजन आने की सूचना पर लोग स्टेशन पर पहुंच गए। जैसे ही इंजन बक्कल सुरंग पार कर सीटी बजाता हुआ रियासी पहुंचा तो स्टेशन भारत माता की जय से गूंज उठा।
इस ट्रैक पर विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल भी बना है। इस पुल से ट्रेन में बैठकर गुजरने का सपना रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की हरी झंडी मिलने के बाद पूरा होगा। सीआरएस डीसी देशवाल का 46 किलोमीटर लंबे संगलदान-रियासी ट्रैक के निरीक्षण के लिए 27-28 जून को दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संगलदान से रियासी के बीच पहली ट्रेन को हरी झंडी 30 जून को दिखाए जाने की संभावना है।
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उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) के इस महत्वपूर्ण खंड पर रेल चलना सीआरएस के निरीक्षण पर निर्भर करता है। सीआरएस के निर्धारित निरीक्षण से पहले संगलदान से रियासी तक का काम पूरा हो जाएगा। 272 किमी यूएसबीआरएल परियोजना में से 209 किमी को दो चरणों में शुरू किया गया था। 118 किमी काजीगुंड-बारामुला खंड का पहला चरण अक्तूबर 2009 में शुरू हुआ। इसके बाद जून 2013 में 18 किमी बनिहाल-काजीगुंड, जुलाई 2014 में 25 किमी उधमपुर-कटरा ट्रैक पर काम शुरू हुआ। फरवरी 2024 में 48.1 किमी लंबा बनिहाल-संगलदान खंड पूरा हुआ। रियासी और कटरा के बीच 17 किलोमीटर ट्रैक पर काम लंबित है। इसके साल के अंत तक पूरा होने की संभावना है।
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साल अंत तक पूरी होगी यूएसबीआरएल परिजोजना : डॉ. जितेंद्र
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा कि चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के माध्यम से रामबन (संगलदान) से रियासी तक ट्रेन सेवा जल्द ही शुरू होगी। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना इस साल के अंत तक पूरी हो जाएगी।
ट्रेन चिनाब पुल को पार करेगी, तो यह देश के लिए गर्व का क्षण होगा : उपायुक्त
रियासी के उपायुक्त विशेष पॉल महाजन ने कहा कि जिले के लोग ट्रेन के सायरन और ट्रेक पर उसकी आवाज सुनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। महाजन ने कहा कि जब ट्रेन चिनाब पुल को पार करेगी, तो यह देश के लिए गर्व का क्षण होगा। हमारे इंजीनियरों ने दुनिया को सबसे ऊंचा रेलवे पुल उपहार में दिया है। यह पूरी रेलवे परियोजना इंजीनियरिंग चमत्कारों से भरी है क्योंकि कटरा और बनिहाल के बीच 111 किलोमीटर का अधिकांश हिस्सा सुरंगों और पुलों से होकर गुजरता है। हमारे पास भारत का पहला केबल रेल पुल (अंजी खड्ड) भी है। रेलवे अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के करीब पहुंच गया है।