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Jammu News: आठ दिन बाद फिर रायका बांदी पहुंचे वन मंत्री, कहा-सरकार आपके साथ
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जम्मू। सिद्दड़ा स्थित रायका बांदी में वन विभाग की कार्रवाई के आठ दिन बाद फिर प्रभावित परिवारों के बीच बुधवार को बकरीद पर पर्यावरण एवं जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के आशियानों को उजाड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार उनके साथ है।
उन्होंने उन परिवारों के साथ समय बिताने का फैसला लिया जो पिछले दिनों वन विभाग की कार्रवाई से तकलीफ में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जिन लोगों के घर टूटे हैं उन्हें दोबारा बसाने और घर बनवाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई की जानकारी न तो ट्राइबल डिपार्टमेंट और न ही लोक भवन से लेकर चीफ सेक्रेटरी स्तर तक थी। ऐसे में कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई, इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि ट्राइबल मामलों से जुड़े विभाग की नोडल कमेटी मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री की निगरानी में दो अलग-अलग टीमें पड़ताल में जुटी हैं। वन विभाग की ओर से भी अपने स्तर पर कमेटी गठित की गई है। मंत्री ने कहा कि समुदाय के साथ पिछले कई दशकों से अन्याय होता आया है और अब सरकार इस मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ देख रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों की समस्याओं को मानवीय दृष्टिकोण से सुना जाए।
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उन्होंने उन परिवारों के साथ समय बिताने का फैसला लिया जो पिछले दिनों वन विभाग की कार्रवाई से तकलीफ में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जिन लोगों के घर टूटे हैं उन्हें दोबारा बसाने और घर बनवाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई की जानकारी न तो ट्राइबल डिपार्टमेंट और न ही लोक भवन से लेकर चीफ सेक्रेटरी स्तर तक थी। ऐसे में कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई, इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि ट्राइबल मामलों से जुड़े विभाग की नोडल कमेटी मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री की निगरानी में दो अलग-अलग टीमें पड़ताल में जुटी हैं। वन विभाग की ओर से भी अपने स्तर पर कमेटी गठित की गई है। मंत्री ने कहा कि समुदाय के साथ पिछले कई दशकों से अन्याय होता आया है और अब सरकार इस मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ देख रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों की समस्याओं को मानवीय दृष्टिकोण से सुना जाए।
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