जेके बैंक मुख्यालय पर दूसरे दिन भी एसीबी का छापा, हो सकता है बड़ा खुलासा
- पीडीपी-भाजपा सरकार में हुई थी नियुक्तियों से संबंधित फाइलें खंगाली गईं
- अवैध व फर्जी नियुक्तियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद कार्रवाई
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जम्मू-कश्मीर बैंक में फर्जी नियुक्तियों की जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार को लगातार दूसरे दिन बैंक के मुख्यालय में छापा मारा। एसीबी राज्य में पीडीपी-भाजपा सरकार के दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप पर की गई लगभग 1200 नियुक्तियों से संबंधित रिकॉर्ड की तलाश कर रही है । यह सभी नियुक्तियां बैंक के तत्कालीन चेयरमैन परवेज अहमद के कार्यकाल के दौरान हुई थीं।
बैंक में की गई इन अवैध और फर्जी नियुक्तियों के संबंध में एक शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ब्यूरो ने शनिवार को मामला दर्ज किया था। इसके बाद सरकार ने परवेज अहमद को शनिवार को ही पद से हटाते हुए आरके छिब्बर को इस पद की जिम्मेदारी दी थी। परवेज अहमद को हटाए जाने के कुछ ही देर बाद बैंक के एमए रोड स्थित मुख्यालय पर छापामारी की गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि ब्यूरो के अधिकारियों ने रविवार सुबह पुलिस कर्मियों के साथ जम्मू एंड कश्मीर बैंक के मुख्यालय में तलाशी ली। एसीबी के अधिकारी नियुक्तियों से संबंधित फ ाइलों और दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने चेयरमैन सचिवालय तथा एचआरडी सेक्शन में महत्वपूर्ण कागजातों की जांच की। कुछ और महत्वपूर्ण फाइलों को जब्त किया।
एचआरडी सेक्शन सील
परवेज को हटाए जाने के एक घंटे बाद ही शनिवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बैंक के मुख्यालय में छापा मारा था। छह घंटे तक चली कार्रवाई में परवेज अहमद के कार्यकाल के दौरान हुई भर्ती प्रक्रिया, ट्रांसफर प्रक्रिया तथा कामकाज से संबंधित 100 से अधिक फाइलें जब्त की गईं। चेयरमैन सचिवालय और एचआरडी सेक्शन को भी सील कर वहां पुलिस की तैनाती कर दी गई।
कामकाज में सुधार के लिए उठाया कदम
चेयरमैन को हटाए जाने के बाद सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि बैंक के शासन और कार्यप्रणाली संबंधित चिंताओं के साथ-साथ कामकाज में सुधार को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। दीर्घकालिक उपाय के तहत यह निर्णय लिया है ताकि यह अच्छी तरह से सरकार के स्वामित्व वाले बैंक का उदाहरण बन सके।
आरबीआई के निर्देशों की हो रही थी अनदेखी
जेके बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बार-बार निर्देशित किया गया था कि बेहतर प्रशासन के लिए अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के पदों को अलग किया जाए। कार्रवाई के बाद बैंक के पूर्व चेयरमैन परवेज अहमद ने कहा था कि निश्चित रूप से कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने अपना कार्य पूरी लगन व ईमानदारी से संस्था के बेहतर हित में किया है। वह किसी भी मामले की जांच के लिए तैयार हैं।