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पार्षद और चेयरमैन के विवाद में अटका गरीब का आशियाना
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बाबा दित्ता का निर्माणधीन घर।
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अरनिया। हाउसिंग फार आल स्कीम के तहत बनाया जा रहा एक गरीब का आशियाना एक साल से अटका है। वहीं बारिश से बचने के लिए घर के मालिक की तरफ से छत की जगह टीन डाली गई है।
जानकारी की अनुसार नगर पालिका अरनिया की वार्ड नंबर-4 निवासी बाबा दित्ता पुत्र करतार चंद गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले ने अपना पक्का मकान बनाने के लिए अर्जी लगाई, जिसे नगर पालिका की मंजूरी के बाद दस्तावेज संबंधित विभाग को भेज दिए गए। करीब एक वर्ष पहले जब मकान बनाने की मंजूरी मिली तो नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सैनी ने बाबा दित्ता को कच्चा मकान तोड़ने को कह कर कार्य शुरू करने को कहा, जिससे मकान की दीवारों का कार्य संपन्न हो गया। एक साल बीतने के बाद भी जब केंद्र सरकार की तरफ से हाउसिंग फार ऑल की राशि नहीं मिली तो आंधी व बारिश से बचने के लिए मजबूरन घर के मालिक को दीवारों के ऊपर टीन डालनी पड़ी।
पार्षद सिंपल भगत का कहना है कि घर वालों की गलती और नगर पालिका की ओर से अभी तक राशि का भुगतान न होने से यह कार्य रुका पड़ा है। वहीं नपा अध्यक्ष रमेश सैनी का कहना है कि मैंने अभी तक कई घर बनवाए हैं। मेरी इनके साथ कोई रंजिश नहीं है, मगर करीब तीन चार माह पहले पार्षद की ओर से लिखित में बताया गया था कि इनको राशि का भुगतान न किया जाए। पहले ही इनका पक्का मकान है, जिसकी एक कापी मुझे और दूसरी संबंधित सर्वे टीम को सौंपी गई थी। मगर फिर भी मैं पूरी कोशिश करूंगा कि किसी तरह पहले दी र्गई अर्जी के मुताबिक जल्द से इसका भुगतान कराया जा सके ताकि इस गरीब परिवार को अपना आशियाना नसीब हो सके। नपा अध्यक्ष ने इसका कारण आपसी रंजिश भी बताया।
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जानकारी की अनुसार नगर पालिका अरनिया की वार्ड नंबर-4 निवासी बाबा दित्ता पुत्र करतार चंद गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले ने अपना पक्का मकान बनाने के लिए अर्जी लगाई, जिसे नगर पालिका की मंजूरी के बाद दस्तावेज संबंधित विभाग को भेज दिए गए। करीब एक वर्ष पहले जब मकान बनाने की मंजूरी मिली तो नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सैनी ने बाबा दित्ता को कच्चा मकान तोड़ने को कह कर कार्य शुरू करने को कहा, जिससे मकान की दीवारों का कार्य संपन्न हो गया। एक साल बीतने के बाद भी जब केंद्र सरकार की तरफ से हाउसिंग फार ऑल की राशि नहीं मिली तो आंधी व बारिश से बचने के लिए मजबूरन घर के मालिक को दीवारों के ऊपर टीन डालनी पड़ी।
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पार्षद सिंपल भगत का कहना है कि घर वालों की गलती और नगर पालिका की ओर से अभी तक राशि का भुगतान न होने से यह कार्य रुका पड़ा है। वहीं नपा अध्यक्ष रमेश सैनी का कहना है कि मैंने अभी तक कई घर बनवाए हैं। मेरी इनके साथ कोई रंजिश नहीं है, मगर करीब तीन चार माह पहले पार्षद की ओर से लिखित में बताया गया था कि इनको राशि का भुगतान न किया जाए। पहले ही इनका पक्का मकान है, जिसकी एक कापी मुझे और दूसरी संबंधित सर्वे टीम को सौंपी गई थी। मगर फिर भी मैं पूरी कोशिश करूंगा कि किसी तरह पहले दी र्गई अर्जी के मुताबिक जल्द से इसका भुगतान कराया जा सके ताकि इस गरीब परिवार को अपना आशियाना नसीब हो सके। नपा अध्यक्ष ने इसका कारण आपसी रंजिश भी बताया।
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