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भलवाल ब्राह्मणा के तालाब में गर्मी से मरने लगीं मछलियां
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ज्यौड़ियां। दिन प्रतिदिन बढ़ती गर्मी से क्षेत्र के लोग काफी परेशान हो गए हैं। दूसरी तरफ हर वक्त पानी में रहने वाली मछलियां भी इस गर्मी से आहत हो रही हैं। गर्मी से उनकी असमय मौत हो रही है।
तहसील ज्यौड़ियां के ब्लाक भलवाल ब्राह्मणा के गांव भलवाल में स्थित सरकारी तालाब में दो दिन से मछलियाें की मौत हो रही है। इसको लेकर स्थानीय लोग परेशान हैं। क्योंकि मरने वाली मछलियों का बजन 5-6 किलो के बीच है, और तालाब के किनारे मरी पड़ी मछलियों से तालाब के इर्द-गिर्द बदबू फैल गई है। यह तालाब सरकारी है। सरपंच डिंपल शर्मा के मुताबिक मत्स्य पालन विभाग की तरफ से ही यहां मछली का बीज डाले गए हैं। सरपंच ने बताया की उन्होंने यह जानकारी विभाग को दे दी है। रविवार की सुबह मत्स्य पालन विभाग के लोगों ने मौके पर पहुंच कर जायजा लिया और मछलियों के मरने का कारण भीषण गर्मी और ऑक्सीजन की कमी बताया। टीम की तरफ से तालाब की बाकी मछलियों की सुरक्षा के लिये उपचार भी किया गया।
सरपंच ने बताया कि तालाब की यह मछलियां गांव की शान हैं। गांव के लोग सुबह शाम तालाब के नजदीक बने पार्क में टहलते हैं। साथ ही मछलियों को आटा डालते हैं। उन्होंने बताया कि मछलियों के मरने से गांव के लोग परेशान है। रविवार को तालाब के इर्द-गिर्द सफाई अभियान चलाया। जिस लिफाफे में आटा लाया जाता है वह तालाब में ही फेंक दिए जाते हैं, जिससे तालाब के आसपास गंदगी भर जाती है। आज उन्होंने गांव के युवाओं के साथ सफाई अभियान चलाया है।
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तहसील ज्यौड़ियां के ब्लाक भलवाल ब्राह्मणा के गांव भलवाल में स्थित सरकारी तालाब में दो दिन से मछलियाें की मौत हो रही है। इसको लेकर स्थानीय लोग परेशान हैं। क्योंकि मरने वाली मछलियों का बजन 5-6 किलो के बीच है, और तालाब के किनारे मरी पड़ी मछलियों से तालाब के इर्द-गिर्द बदबू फैल गई है। यह तालाब सरकारी है। सरपंच डिंपल शर्मा के मुताबिक मत्स्य पालन विभाग की तरफ से ही यहां मछली का बीज डाले गए हैं। सरपंच ने बताया की उन्होंने यह जानकारी विभाग को दे दी है। रविवार की सुबह मत्स्य पालन विभाग के लोगों ने मौके पर पहुंच कर जायजा लिया और मछलियों के मरने का कारण भीषण गर्मी और ऑक्सीजन की कमी बताया। टीम की तरफ से तालाब की बाकी मछलियों की सुरक्षा के लिये उपचार भी किया गया।
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सरपंच ने बताया कि तालाब की यह मछलियां गांव की शान हैं। गांव के लोग सुबह शाम तालाब के नजदीक बने पार्क में टहलते हैं। साथ ही मछलियों को आटा डालते हैं। उन्होंने बताया कि मछलियों के मरने से गांव के लोग परेशान है। रविवार को तालाब के इर्द-गिर्द सफाई अभियान चलाया। जिस लिफाफे में आटा लाया जाता है वह तालाब में ही फेंक दिए जाते हैं, जिससे तालाब के आसपास गंदगी भर जाती है। आज उन्होंने गांव के युवाओं के साथ सफाई अभियान चलाया है।
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