JK: नियमों को ताक पर रखकर हुई PSC अधिकारियों की भर्ती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर में नियमों को ताक पर रखकर भर्तियां होती रही हैं। तदर्थ नियुक्तियों के कई मामलों में भी संबंधित विभागों ने नियमों का पालन नहीं किया और राज्य लोक सेवा आयोग के अधिकारों का अतिक्रमण होता रहा।
आयोग की सहमति के बगैर तदर्थ नियुक्तियां नियमित भी होती रहीं। रियासत में सरकारी विभागों में 60 हजार से अधिक पद खाली हैं और विभागों द्वारा इन पर भर्ती के लिए आयोग को विधिवत सूचनाएं भी नहीं दी गईं हैं।
इस बीच सरकार ने दूरदराज और दुर्गम इलाकों में आम लोगों की सुविधाओं से जुड़े पदों पर भर्ती के लिए नई नीति बनाई है। संबंधित अध्यादेश को गवर्नर एनएन वोहरा एक बार वापस कर चुके हैं।
अध्यादेश सरकारी सफाई के बाद फिर से राज्यपाल के पास पहुंच गया है। विपक्ष इस नीति के खिलाफ आंदोलन चला रहा है और नेशनल कांफ्रेंस ने अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली हैं।
पीएससी की 57वीं वार्षिक रिपोर्ट ने विभागीय भर्तियों की गड़बडि़यों को उजागर किया है।
छोटी सी बात में लगाते हैं इतना समय
रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोग द्वारा उठाए गए बिन्दुओं पर विभागों से उत्तर नहीं मिल पाता है। इस कारण चयन और नियमितीकरण की प्रक्रिया में लगातार विलंब होता रहा है।
छोटे से स्पष्टीकरण में भी विभागों द्वारा अनावश्यक विलंब किया जाता है। आयोग ने कहा है कि खाली पदों पर भर्तियों के लिए तमाम सूचनाएं एक साथ उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
नियमों की अनदेखी कर तदर्थ और नियमित नियुक्तियां होती रही हैं। इस संबंध में आयोग को सरकारी आदेश की प्रतियां तक उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। इस वजह से आयोग के लिए संबंधित नियुक्तियों की मानिटरिंग संभव नहीं हो पातीं।
आयोग से संपर्क किए बगैर कई बार तदर्थ और नियमित नियुक्तियां की जाती हैं। वरीयता की अंतिम सूची उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण प्रोन्नति के मामले लंबित हैं।
इस बाबत वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट और वर्षवार वैकेंसी भी आयोग को उपलब्ध नहीं कराई जाती है। कई बार उपलब्ध कराई गई सूचनाएं तथ्यों से परे होती हैं।
रियासत में सात लाख से अधिक बेरोजगार
जम्मू कश्मीर में सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 4 लाख 67 हजार शिक्षित युवक बेरोजगार हैं। जबकि वास्तविकता में बेरोजगारों की संख्या सात लाख से अधिक है।
रियासत के 36 विभागों में खाली पदों को भरे जाने से बेरोजगारी समाप्त समाप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हो सकती है लेकिन इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
रियासत में विभिन्न सरकारी विभागों में 60 हजार 646 पद खाली हैं। रियासत के 36 विभागों में खाली इन पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया फाइलों में उलझी है।
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार गजटेड रैक के 10153 और नन गजटेड स्तर के 50493 पद खाली हैं। गजटेड रैंक के खाली पदों में से 5711 पद सीधी भर्ती से भरे जाने हैं जबकि 4442 पदों को प्रोन्नति के आधार पर भरा जाना है। इसी तरह नन गजटेड पदों में 32698 पद सीधी भर्तियों और 17795 पद प्रोन्नति से भरे जाने हैं।